देश की सत्ता के केन्द्र दिल्ली में भाजपा की करारी हार और आप को मिले जनमत ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनता के फैसले से बड़ा कुछ नहीं होता। इस जनमत ने भाजपा में ‘चाणक्य’ की भूमिका निभा रहे अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजय रथ को न केवल रोका बल्कि यह चेतावनी भी दी कि यदि समय रहते न चेते तो उनके उत्कर्ष की क्या परिणिति हो सकती है।





