आगरा : किशोर (एडोलिसेन्ट) आखिर बच्चे हैं या बड़े? कभी उन्हें अभिभावक बड़ा कहकर उनकी गलतियों पर डांट लगा देते हैं तो कभी कोई निर्णय लेने पर बच्चा कहकर कौने में बैठा दिया जाता है। कुछ वर्ष पूर्व तक किशोरों (एडोलिसेन्ट) को कई बार पीडिएट्रिक (बच्चों के डॉक्टर) उन्हें फिजिशियन के पास जाने की सलाह देते हैं और फिजिशियन, पिडिएट्रिक के पास। मानसिक और शारीरिक रूप से हो रहे परिवर्तन को महसूस कर रहे यह बच्चे आखिर अपनी समस्या और सवालों को लेकर किसके पास जाएं? उनके खान-पान, मानसिक स्वास्थ्य, स्कूल प्रोबलम, इंटरनेट से सम्बंधिक समस्याओं को कैसे हल किया जाए। बाल रोग विशेषज्ञ अब किशोरों की देखभाल करेंगे। एमसीआई ने इसे उनके पाठ्यक्रम में भी शामिल कर दिया है।
Read More




