वृंदावन के 'मचान' से बड़े पर्दे तक पहुंचेगी देवराहा बाबा की कहानी...

ब्रजभूमि और वृंदावन से गहरा जुड़ाव रखने वाले रहस्यमयी संत देवराहा बाबा की जिंदगी अब बड़े पर्दे पर आ रही है। नीब करौरी बाबा से प्रेरित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद देवराहा बाबा के जीवन और उनसे जुड़े रहस्यमयी प्रसंगों पर फिल्म ‘मचान बाबा’ का निर्माण शुरू किया गया है। हाल ही में, फिल्म के निर्माताओं ने फिल्म का टाइटल पोस्टर जारी किया है और इसे 2027 में रिलीज करने की योजना है।

देवराहा बाबा के जीवन में वृंदावन और यमुना का विशेष स्थान रहा। उनके जीवन के आखिरी दौर का बड़ा हिस्सा वृंदावन से जुड़ा रहा और यहां उनके दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और देश की कई जानी-मानी हस्तियां पहुंचती थीं। ‘मचान बाबा’ के लिए किए जा रहे शोध में बाबा के वृंदावन प्रवास और यहां उनसे जुड़े लोगों तथा पुराने प्रसंगों को भी विशेष रूप से खंगाला जा रहा है। ब्रिटेन में स्थापित भारतीय मूल की कारोबारी पूनम गुप्ता और अमेरिका में रहने वाले उद्यमी विकल्प पालीवाल फिल्म का निर्माण कर रहे हैं।

देवराहा बाबा की सबसे विशिष्ट पहचान उनका मचान था। वह नदी किनारे जमीन से कई फीट ऊपर बने मचान पर रहते थे और वहीं से अपने भक्तों से मिलते तथा आशीर्वाद देते थे। उनकी वास्तविक आयु को लेकर अलग-अलग दावे रहे हैं और यही रहस्य फिल्म की कहानी का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।

उनके भक्तों में आम लोगों से लेकर देश की राजनीति के बड़े नाम तक शामिल रहे। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी सहित कई राष्ट्रीय नेताओं से उनकी मुलाकातों के प्रसंग अलग-अलग संस्मरणों और अभिलेखों में मिलते हैं।

साल 2009 में संसद में लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट पर चर्चा के दौरान राजनाथ सिंह ने भी देवराहा बाबा का उल्लेख करते हुए कहा था कि पुराने ऐतिहासिक संदर्भों में किंग जॉर्ज पंचम के 1911 में बाबा से मिलने का जिक्र मिलता है।

कहा जाता है कि 1977 में सत्ता गंवाने के बाद इंदिरा गांधी उनसे आशीर्वाद लेने पहुंची थीं। इसी तरह 1989 के राम मंदिर शिलान्यास से पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की देवराहा बाबा से मुलाकात का उल्लेख भी विभिन्न विवरणों में मिलता है।

फिल्म का एक और दिलचस्प पहलू नीब करौरी बाबा और देवराहा बाबा के बीच संबंध है। दोनों लगभग एक ही दौर में सक्रिय रहे। ‘मचान बाबा’ के शोध में सामने आए भक्त-संस्मरणों और मौखिक विवरणों में दोनों संतों की मुलाकातों का उल्लेख मिलता है। इन विवरणों के अनुसार नीब करौरी बाबा, देवराहा बाबा का विशेष सम्मान करते थे।

फिल्म फिलहाल शोध और प्री-प्रोडक्शन के दौर में है। देवराहा बाबा से जुड़ी किताबों, पुरानी तस्वीरों, दस्तावेजों, प्रत्यक्षदर्शियों और उनसे जुड़े लोगों के संस्मरणों पर काम किया जा रहा है। वृंदावन और ब्रज क्षेत्र से जुड़े उनके जीवन के प्रसंग भी इस रिसर्च का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

निर्माताओं का कहना है कि ‘मचान बाबा’ केवल चमत्कारों की कहानी नहीं होगी। फिल्म में आस्था, इतिहास, राजनीति, मानवीय अनुभव और देवराहा बाबा के व्यक्तित्व से जुड़े अनसुलझे रहस्यों की कई परतें देखने को मिलेंगी।