इस बार अमेरिकियों और जापानियों ने जमकर खाए भारतीय आम

नई दिल्ली: भारत ने चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान आम के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इस अवधि में कुल 47.98 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के आमों का निर्यात किया गया, जो कि पिछले वर्ष की इसी अवधि के 40.33 मिलियन अमेरिकी डॉलर के मूल्य से 19 प्रतिशत अधिक है।

Read in English: Indian mangoes shipment expands its footprints worldwide

भारत ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान 48.53 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के 22,963.78 मीट्रिक टन आमों का निर्यात किया था, जबकि चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में अप्रैल से अगस्त महीने के दौरान भारत ने 47.98 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के 27,330.02 मीट्रिक टन आमों का निर्यात किया है।

भारत ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करके संयुक्त राज्य अमेरिका को भारतीय आमों के निर्यात में शानदार सफलता अर्जित की है। चालू वित्तीय वर्ष के पहले पांच महीनों के दौरान भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका को 2043.60 मीट्रिक टन भारतीय आमों का निर्यात किया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका के अलावा, भारत ने जापान को 43.08 मीट्रिक टन, न्यूजीलैंड को 110.99 मीट्रिक टन, ऑस्ट्रेलिया को 58.42 मीट्रिक टन और एक नए गंतव्य दक्षिण अफ्रीका को 4.44 मीट्रिक टन आम निर्यात किए।

इसके अतिरिक्त, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और एपीडा ने संयुक्त रूप से दक्षिण कोरिया के निरीक्षकों को वहां निर्यात के लिए आम की पूर्व-निकासी के लिए आमंत्रित किया। इस कदम ने भारत को पादप संरक्षण, संगरोध एवं भंडारण निदेशालय तथा दक्षिण कोरिया की पशु एवं पादप संगरोध एजेंसी की संयुक्त देखरेख में अधिकृत वाष्प ताप उपचार केन्द्र में उपचारित किए जाने के बाद 18.43 मीट्रिक टन आम निर्यात करने की सुविधा दी।

इस बार भारत ने ईरान, मॉरीशस, चेक गणराज्य और नाइजीरिया जैसे निर्यात के लिए नए गंतव्य स्थलों की खोज करके 41 देशों में आमों का निर्यात किया। साथ ही, एपीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारतीय आमों को प्रदर्शित करने के लिए सियोल फूड एंड होटल शो में भी भाग लिया है। भारत की आजादी के 75 वर्ष मनाने के लिए एपीडा ने आम की 75 पूर्वी किस्मों को बहरीन निर्यात करने की भी सुविधा प्रदान की। इस खेप में भारत के पूर्वी क्षेत्र की पांच जीआई-टैग वाली किस्में शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, एपीडा ने भारतीय आमों के निर्यात को प्रोत्साहित करने व बढ़ाने के लिए संबंधित देशों के भारतीय मिशनों के साथ सक्रिय सहयोग से एक आम संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन भी किया।

ब्रुसेल्स स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से भारतीय आमों को चखने का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में आम्रपल्ली, बंगनपल्ली, केसर और हिमसागर जैसी चार अलग-अलग किस्मों का प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को सभी प्रकार के आमों के साथ-साथ उससे तैयार व्यंजनों की पेशकश की गई, जिनमें आम की लस्सी और आम का हलवा शामिल था।

इसके अलावा, मलेशिया में कुआलालंपुर स्थित भारतीय उच्चायोग के सहयोग से एक आम प्रचार कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें केसर और बंगनपल्ली किस्म के आमों का प्रदर्शन किया गया।

अफगानिस्तान में आम को बढ़ावा देने के कार्यक्रम के लिए काबुल स्थित भारतीय दूतावास को आम की एक खेप की सुविधा प्रदान की। इसी तरह का एक कार्यक्रम भारतीय दूतावास के सहयोग से कुवैत में भी आयोजित किया गया।

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