नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को एक बार फिर से मन की बात कार्यक्रम के जरिए देशवासियों से रुबरु हुए। रेडियो कार्यक्रम मन की बात के माध्यम से वह हर महीने के आखिरी इतवार को लोगों से मुखातिब होते हैं। अबकी बार मन की बात के जरिए पीएम मोदी ने रियो ओलिंपिंक में गए खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दीं और लोगों से भी कहा कि वह अपनी शुभकामनाएं शेयर करें। पीएम मोदी ने आज इस कार्यक्रम के जरिए गर्भवती महिलाओं के लिए एक स्कीम का ऐलान किया जिसके तहत अब वे गर्भाधान के नौंवे महीने में फ्री हेल्थ चेकअप करवा पाएंगी। ये हेल्थ चेकअप सरकारी अस्पतालों में होंगे।
पढें : मोदी के ‘मन की बात’ की खास बातें
देशवासी खिलाडियों को सपोर्ट करें
रियो गए खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं देते हुए मोदी ने कहा, खिलाड़ी रातोंरात नहीं बनते। इसके लिए कडी मेहनत करनी पडती है। हम सभी देशवासी खिलाडिय़ों को सपोर्ट करें। इन खिलाडिय़ों का संदेश पहुंचाने के लिए देश का पीएम पोस्टमैन बनने के लिए तैयार है। आप ऐप पर शुभकामना भेजिए। मैं पहुंचाऊंगा। इस दौरान पंजाब के सूर्य प्रकाश की कविता पढ़ी। इसमें कहा- रियो में ध्वज लहराओ।
फ्रॉड मेसेज से बचने की सलाह
मोदी ने क्रॉड कॉल और ई-मेल पर भी देशवासियों को सलाह दी। मोदी ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि एक रिटायर्ड शख्स को कीमती उपहार का मेसेज आया। उन्हें कहा गया कि वे इसके लिए दो लाख रुपये जमा कराएं। उन्होंने लालच में आकर तुरंत जमा करा दिए और बाद में पछताए। मोदी ने सलाह देते हुए कहा कि किसी भी अनजान मेसेज-ईमेल के बाद क्रेडिट और डेबिट कार्ड नंबर शेयर न करें। यह नए तरीके की धोखाधड़ी है। इससे बचना और सजग रहना चाहिए। परिजनों और दोस्तों को भी सजग करना चाहिए।
प्रेग्नेंट महिलाएं कराएं फ्री हेल्थ चेकअप
मोदी ने गर्भावस्था के दौरान होने वाली मौतों का भी जिक्र किया। मोदी ने कहा कि एक दशक में माता की मौत की दर में कमी आई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चलाया है। इसके जरिए हर महीने की 9 तारीख को सभी गर्भवती महिलाओं की सरकारी अस्पताल में नि:शुल्क जांच की जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों से अपील करते कहा कि वे साल में 12 दिन गरीबों के नाम कर दें।
बारिश के मौसम में बीमारियों से रहें सतर्क
मोदी ने कहा कि कुछ समय पहले अकाल की चिंता कर रहे थे। अब बारिश और बाढ़ की खबरें आ रही हैं। कुछ परेशानियां होने के बावजूद बारिश से मन पुलकित हो जाता है। कभी-कभी इससे बीमारी होती है। लेकिन अगर हम जागरूक रहें, सतर्क रहें तो बचने के रास्ते आसान है। डेंगू से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान रहे। बच्चों पर ध्यान रहे। डेंगू सुखी-समृद्ध इलाके में सबसे पहले आता है। गरीब बस्तियों में होता है ये सोच नहीं होनी चाहिए। हमें चलते-फिरते एंटीबायोटिक लेने की आदत है। ये गंभीर बीमारी पैदा कर सकती है। डॉक्टर्स की सलाह के बिना इसे न लें।
कलाम के सपने ऐसे पूरी कर रही सरकार
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के सपनों को पूरा कर रही है। उन्होंने कहा, कलाम जी की पुण्यतिथि पर देश दुनिया ने श्रद्धांजलि दी। मुझसे पूछा गया कि आपकी सरकार कलाम के सपनों को साकार करने के लिए क्या कर रही है। पल-पल बदलती टेक्नॉलजी से कदम मिलने के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। अटल इनोवेशन मिशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत सरकार ने अटल टिंकरिंग लैब की योजना बनाई है। स्कूलों में ऐसी लैब के लिए आर्थिक मदद दी जाए। इसके लिए 13 हजार से ज्यादा स्कूलों ने आवेदन किया है।
ऐंटीबायॉटिक से बचने की सलाह
मोदी ने लोगों को ऐंटीबायॉटिक से बचने की सलाह भी दी। मोदी ने कहा, जिंदगी इतनी आपाधापी वाली बन गई है कि अपने लिए सोचने का वक्त नही होता है। हम तुरंत राहत पाने के लिए ऐंटीबायॉटिक ले लेते हैं। यह आदत बहुत गंभीर संकट पैदा कर सकती है। डॉक्टरों की सलाह के बिना ऐंटीबायॉटिक न लें। अनाप-शनाप ऐंटीबायॉटिक से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो जाती है। डॉक्टरों ने जितने दिन ऐंटीबायॉटिक लेने को कहा है, उतना ही लीजिए। जितनी गोली का कोर्स तय हुआ हो, उसे पूरा करें। ऐसा न करने पर मरीज को ही नुकसान होता है। ऐंटीबायॉटिक की दवाइयों में जो पत्ता रहता है, उसमें लाल लकीर से सचेत किया जाता है। उस पर जरूर ध्यान दें। मोदी ने बारिश के मौसम में डेंगी से बचने के लिए जागरूक रहने की अपील भी की।
साभार-khaskhabar.com






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