अधिक उत्पादकता के लिए किसान पारम्परिक खेती से अलग खेती करें

मथुरा। जिलाधिकारी राजेश कुमार ने जनपद के किसानों से कहा कि वे अधिक उत्पादकता बढ़ाने व लाभ कमाने के लिए पारम्परिक खेती से हटकर खेती करें। उन्होंने यह भी कहा कि वर्षा जल संचयन से पानी के खारेपन को दूर किया जा सकता है। श्री कुमार आज यहां उप कृषि निदेशक कार्यालय परिसर में आयोजित  किसान दिवस के अवसर पर किसानों को सम्बोधित कर रहे थे।

श्री कुमार ने कहा कि हम नई तकनीक के आधार पर खेती न करके पारम्परिक ढ़ंग से खेती कर रहे हैं जिसमें लागत अधिक आती है और लाभ कम होता है। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादकता व लाभ के लिए हमें पारम्परिक खेती से हटकर खेती करनी होगी। उन्होंने कहा कि हम अपने खेतों में अधिक से अधिक मात्रा में रासायनिक उवर्रकों का प्रयोग कर रहे हैं। जिससे दिन प्रतिदिन हमारे खेतों की उवर्रता कम होती जा रही है और ऐसे उत्पाद हमारे व पशु जीवन के लिए हानिकारक होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समेकित जल संचयन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। ब्रज क्षेत्र में पानी के खारेपन की विकराल समस्या है। उन्होंने कहा कि जल संचयन से पानी के खारेपन को दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें अपने खेतों की मेड़ चैड़ी व मजबूत रखनी पड़ेंगी ताकि खेतों से पानी के साथ उसकी उर्वरा मिट्टी न बहे और खेतों में नमी बनी रहे। 

श्री कुमार ने कहा कि तालाबों व खेतों में पानी को रोककर हम अपने प्रयास से प्रकृति की मार से बच सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिजली की समस्या से निजात पाने के लिए वे शासन को पत्र लिखकर मांग करेंगे कि इस जनपद से रोस्टरिंग समाप्त करके अधिक से अधिक विद्युत आपूर्ति दिन में की जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि मैं प्रयास कर रहा हॅू कि जनपद में जैविक खेती को लाया जाय और पूरे जनपद में इसका विस्तार किया जाय। उन्होंने यह भी बताया कि जैविक उत्पाद की कीमत बाजार में दुगुनी होती है जिससे किसानों को अधिक से अधिक लाभ होगा। 

इस अवसर पर बोलते हुए विधायक पूरन प्रकाश ने कहा कि जब तक योजनायें ग्रामीण स्तर पर नहीं पहुॅचती तब तक योजना को सफल नहीं माना जाता है। उन्होंने कहा नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुॅचता, बिजली भी पर्याप्त नहीं आती। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि बिजली के कम बकायेदारों के कनेक्शन न काटें जायें। इस अवसर पर जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी तथा विधायक द्वारा चयनित 10 स्वयं सहायता समूहों को बकरी पालन तथा सिलाई कार्य के लिए 25 हजार व 20 हजार के चेक दिये गये। इसके पूर्व कृषि वैज्ञानिकों द्वारा कृषि सम्बन्धी जानकारी दी गयी तथा फसलों को रोगों से बचाने के लिए तरीके भी बताये गये।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा, कृषि वैज्ञानिक डाण् एसके मिश्रा, उप कृषि निदेशक श्री राकेश बाबू, उप निदेशक समेकित जल संचयन केके रस्तोगी, अधिशासी अभियंता विद्युत महेन्द्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एसके मलिक, जिला कृषि अधिकारी प्रमोद कुमार सहित अन्य सम्बन्धित विभागों के अधिकारी तथा भारी संख्या में किसान उपस्थित थे।


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