प्रशासन और विप्रा को गुमराह कर रहा है भूमाफिया
विप्रा अभियंताओं से सांठगांठ कर चालाकी से करायी वीडियोग्राफी
मथुरा। कस्बा व थाना गोवर्धन क्षेत्र के राधाकुण्ड कस्बे में अष्टसखी कुण्ड पर आये दिन निर्माण की खबर छपवाकर क्षेत्र का एक भूमाफिया लगातार प्रशासन, विकास प्राधिकरण और अखबार के लोगों को बहका रहा है जबकि यहां कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा है।विकास प्राधिकरण के अभियंता महाराज सिंह और जेई एसपी सिंह से सांठगांठ कर निर्भय गोस्वामी लगातार झूठे आरोप लगाकर साधु-संतों का अपमान तो कर ही रहा है, लोगों को गुमराह भी कर रहा है। गत दिन विप्रा के सहायक अभियंता और जेई को षडयंत्र के तहत ये गुपचुप ढंग से आश्रम के अंदर ले गया और कुछ लोगों को बुलाकर जबरन वीडियोग्राफी कराने लगा। इस संबंध में आश्रम की ओर से बाबा केशवदास ने बताया कि विकास प्राधिकरण के सचिव द्वारा गत 19 जून 2015 को हमारा निर्माण कार्य बंद करा दिया गया। उस दिन से आज तक निर्माण कार्य बंद है। शिकायतकर्ता बार-बार झूठ बोलकर विकास प्राधिकरण को गुमराह कर रहा है। गत 12 अगस्त को विप्रा सचिव ने एक मीटिंग बुलाई थी जिसमें शिकायतकर्ता, बाबा केशवदास और राजस्व विभाग के हरस्वरूप गौतम को बुलाया गया। मीटिंग में सचिव ने निर्णय किया कि उपजिलाधिकारी को भेजकर जांच करायेंगे कि निर्माण कार्य विवाद से परे है या उसमें शामिल है। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आयेगी, कोई कार्यवाही नहीं होगी लेकिन दुख का विषय है कि एसडीएम की जांच रिपोर्ट से पहले ही सांठ-गांठ कर शिकायतकर्ता ने एई और जेई विप्रा को मीठी-मीठी नाटकबाजी की बातें कर अपनी ओर कर लिया और चालाकी से वीडियोग्राफी करा दी। बाबा ने बताया कि हमारा निर्माण कार्य काफी समय से बंद है। अष्टसखी कुण्ड पर कोई निर्माण हमने नहीं किया। आबादी वाले हिस्से के खसरे में निर्माण कार्य हुआ है जो विवादित और स्टे वाले भाग से बिल्कुल अलग है।
बाबा ने कहा कि शिकायतकर्ता बिना वजह प्राधिकरण के लोगों को गुमराह कर रहा है। जनता में साधु संतों पर गलत आरोप लगा रहा है जबकि हकीकत यह है कि ऐसा कोई निर्माण कार्य नहीं हो रहा है। पहले भी जो निर्माण हुआ है उसकी स्वीकृति लेकर ही काम हुआ था।





