पत्रकार वार्ता में मौजूद वेटरनरी कालेज कुलपति प्रो. एसी वाष्र्णेय एवं अन्य
-बेटरनरी विश्वविद्यालय में हुई पत्रकार वार्ता
मथुरा। उत्तर प्रदेश पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गौ अनुसंधान संस्थान के कुलपति प्रो.एसी वाष्र्णेय ने कहा कि विलुप्त होती जा रहा देशी गौ वंश चिंता का विषय है। इस दिशा में शुष्क क्षेत्रों में देशी गो वंशीय पशुओं के संरक्षण एवं सम्बर्द्धन की आवश्यक हैं। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
प्रो.वाष्र्णेय विवि परिसर स्थित गोष्ठी कक्ष में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि गो वंश के गिरते दुग्धोत्पादन के चलते किसान के लिए बोझ बन जाती है। वैज्ञानिक विधि एवं सलाह से इसके दुग्ध उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। गाय सर्वगुणीं है, इसीलिए उसे कामधेनु भी कहा जाता है। वैदिक काल से ही इस ब्रज में गो वंश का विशेष महत्व है। इसी दृष्टिगत देशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं सम्बर्द्धन नितांत जरूरी है। गो सेवक एवं वैज्ञानिक मिलकर इस दिशा में योजना तैयार करें। कुलपति विश्वविद्यालय में सोमवार से आयोजित नेशनल सेमिनार की जानकारी दे रहे थे। उन्होंने पत्रकारों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि पशुधन आबादी के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन में यूपी देश का अग्रणी राज्य है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि देश के प्रतिव्यक्ति दुग्ध की औसत उपलब्धता 290 ग्राम प्रति दिन की तुलना में उत्तर-प्रदेश में प्रति व्यक्ति यह आंकड़ा 310 ग्राम है।
विदित हो कि उप्र पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा तथा सेवा एवं शिक्षण संस्थान, सोलन हिमाचल प्रदेश संयुक्त रूप से विश्वविद्यालय परिसर में शुष्क क्षेत्रों में देशी गोवंशीय पशुओं के दुग्ध उत्पादन वृद्धि, संरक्षण एवं संवधर्न हेतु कार्ययोजनाओं का निर्धारण विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन कल सोमवार को हो रहा है। उद्घाटन सत्र में भारतीय पशुचिकित्सा परिषद नई दिल्ली के अध्यक्ष डा. उमेश चन्द्र शर्मा अतिथि के रूप में आमंत्रित किए गए हैं।
सेमिनार में जनपद एवं आस-पास के गोसेवकों, गोशाला प्रबंधकों एवं जैव कृषि में कार्य करने वाले अग्रणी कार्य-कर्ताओं को देशी नस्ल के गोसंवर्धन एवं संरक्षण तथा पंचगव्य से सम्बन्धित सूचनाएं एवं नये नये अनुसंधानों के विषय में तकनीकी ज्ञान साझा करते हुए लाभान्वित करने हेतु इस संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है। इस गोष्ठी में लगभग 100 प्रबंधक, 35 जैवकृषि करने वाले कार्य-कर्ता, 20 पशुचिकित्सा अधिकारी एवं 42 वैज्ञानिक सम्मिलित होंगे। इस सेमिनार में विभिन्न तकनीकी सत्रों के माध्यम से महत्वपूर्ण विषयों पर विषय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी व्याख्यान दिया जाएगा, जिससे जनपद ही नहीं वरन् आस-पास के जनपदों एवं प्रान्तों से आए पशुपालक, व्यवसायी तथा युवावर्ग लाभान्वित् होंगे। पत्रकार वार्ता में निदेशक गो अनुसंधान संस्थान डा.शरद यादव, वेटरिनरी काॅलेज के अधिष्ठाता डा.एसके गर्ग, निदेशक प्रसार डा.सर्वजीत यादव, बायोटेक्नोलाॅजी के अधिष्ठाता डा.राजेश निगम, पीआरओ डा.मुकुल आनंद एवं कुलपति के तकनीकी सचिव एचएम रावत मौजूद थे।





