एक माह बीतने के बाद भी घोषित नहीं हुयी सपा कार्यकारिणी

बूथ स्तर पर सपा को मजबूत करने के दावे खोखले

मथुरा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की सोच थी कि संगठन में फेरबदल होने के बाद जनपद में समाजवादी पार्टी का जनाधार बढ़ेगा लेकिन उनकी सोच सही साबित नहीं हो रही। क्योंकि जनपद में पांच धड़ों में बंटी समाजवादी पार्टी के पूर्व पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अपनी अपनी ढपली और अपना अपना राग अलाप रहे हैं। वहीं नये जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा के बनने के बाद भी पार्टी के जनाधार में कोई इजाफा दिखाई नहीं दिया है। इसकी मुख्य वजह पार्टी संगठन में आपसी गुटबाजी ही बताई जा रही है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरह निष्क्रिय बने हुए हैं। सरकार की उपलब्धियों को जन जन तक पंहुचाने और समाजवादी पार्टी के जनाधार को बढ़ाने की दिशा में उनका कोई ध्यान नहीं है। इन हालातों में समाजवादी पार्टी 2017 के चुनावों में सही रूप से अपना कैसे प्रदर्शन कर पायेगी यह एक विचारणीय प्रश्न है। जनपद के प्रभारी बनाये गये सपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विनोद सविता ने कहा था कि जल्द ही जिला कार्यकारिणी की घोषणा कर दी जायेगी और कर्मठ, ईमानदार और जुझारू कार्यकर्ताओं को ही संगठन का दायित्व सौंपा जायेगा तथा बूथ स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत किया जायेगा लेकिन लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी जिला संगठन की कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ है। जनपद प्रभारी के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जहां तक बूथ स्तर पर पार्टी संगठन को मजबूत करने की बात है तो मथुरा के 45 वार्डों में अभी तक वार्ड अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं हुयी। वहीं वृन्दावन के 25 वार्डों में भी किसी भी कार्यकर्ता को इन वार्डों का दायित्व नहीं सौंपा गया। कोसी और छाता में भी यही स्थिति बनी हुयी है। इन हालातों में पार्टी संगठन कैसे मजबूत होगा यह एक विचारणीय प्रश्न है।


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