कलक्टेªट परिसर में एडीएम आफिस के सामने किया आत्मदाह का प्रयास

मथुरा। कथित सपा नेता से धोखाधड़ी का शिकार हुआ शख्स बार-बार अपनी फरियाद लेकर अधिकारियों के दर पर ठोकरें खाकर अपना धैर्य खो बैठा। सोमवार को एक बार फिर अपनी फरियाद लेकर डीएम कार्यालय गया, लेकिन जिलाधिकारी की गैरमौजूदगी के चलते एडीएम से फरियाद लगाई, लेकिन वहां से भी नाउम्मीद हुए फरियादी ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली। गंभीर अवस्था में उसे स्वर्ण जयंती अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देख उसे आगरा रैफर कर दिया। इस पूरे वाकये के दौरान जिलाधिकारी मथुरा और एसएसपी एक चर्चित हस्ती की पार्टी में इतने मशगूल थे कि सारी संवेदनाएं ताक पर रखते हुए उन्होंने फरियादी की स्थिति का जायजा लेने की भी जहमत नहीं उठाई। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार 45 वर्षीय अजय गुप्ता पुत्र वीके गुप्ता हाल निवासी मंडी आजमपुर थाना हाइवे, मूल निवासी बरेली आज सोमवार को अपनी फरियाद लेकर कलक्टेªट पहुंचा, लेकिन जिलाधिकारी राजेश कुमार की गैरमौजूदगी के चलते उसे अपनी फरियाद लेकर एडीएम वित्त एवं राजस्व महेन्द्र प्रसाद के पास भेज दिया गया। बताया गया है कि एडीएम से मुलाकात के बाद नाउम्मीद हुए अजय ने अपने साथ लाई गई, बोतल से ज्वलनशील द्रव्य छिड़ककर खुद को आग लगा ली। 

कलक्टेªट परिसर मेें अजय द्वारा आग लगा लेने की घटना से हड़कंप मच गया। घटना को देख एडीएम वित्त एवं राजस्व एवं एडीएम प्रशासन अपने चैम्बरों से बाहर की ओर दौड़े और लोगों की मदद से आग बुझाने के साथ ही गंभीर रूप से झुलसे अजय को सरकारी गाड़ी से स्वर्ण जयंती अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देख उसे आगरा रैफर कर दिया। अजय गुप्ता के वकील देवेन्द्र इंसा के अनुसार पूर्व में अजय गुप्ता ने अपना बरेली स्थित मकान 9 लाख 20 हजार रुपए में बेचा था तथा उसके पास पांच लाख रुपए की नगदी और थी, इसके दोस्त बिछरईया बरेली निवासी तेजसिंह चैहान ने उसे जान का खतरा बताते हुए उसकी यह रकम अपने रिश्तेदार आगरा निवासी कथित सपा नेता राजेश चैहान को दिलवा दी। राजेश चैहान सुभाष नगर चैराहा, कमला नगर आगरा में टूर एण्ड टैªबल्स का काम करता है। जब अजय ने उनसे अपनी रकम मांगी, तो राजेश ने उसे बंधक बनाकर अपने ठिकाने पर महीनों बंधक बनाकर रखा और यातनाएं देने के साथ ही उसके टखने तथा जबडे़ तक बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। किसी तरह मौका पाकर अजय वहां से भाग निकला और मथुरा आकर रहने लगा। अधिवक्ता के अनुसार अजय का उसकी पत्नी से पूर्व में ही तलाक हो चुका है। अपने साथ हुई इस घटना को लेकर अजय ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी, जिलाधिकारी एवं एसएसपी मथुरा सहित तमाम लोगों को पत्र भेजकर फरियाद की, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली, तो तीन माह पूर्व उसने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की, लेकिन यहां स्थानीय प्रशासन के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। 16 सितम्बर2015 को अजय गुप्ता ने एसपी क्राइम अशोक कुमार राय से अपनी पीड़ा व्यक्त की, तो उन्होंने एसपी सिटी आगरा के लिए उसके प्रार्थना पत्र को संदर्भित कर वहां न्याय दिलाने के लिए लिखा। लेेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली। सोमवार को पुनः अजय कुमार गुप्ता मदद की उम्मीद लें डीएम से मिलने कलक्टेªट पहुंचा, लेकिन जिलाधिकारी के मौजूद न होने के चलते स्टाफ ने उसे एडीएम वित्त एवं राजस्व को अपनी फरियाद सुनाने को कहा। इस पर अजय एडीएम वित्त एवं राजस्व महेन्द्र प्रसाद के पास पहुंचा और अपनी फरियाद सुनाई, लेकिन बताया गया है कि यहां भी उसे निराशा ही हाथ लगी। अधिकारियों की लालफीता शाही से नाउम्मीद हुआ अजय अपना आपा खो बैठा और उसने अपनी जीवन लीला समाप्त करने को ज्वलनशील पदार्थ उढ़ेल खुद को आग के हवाले कर दिया। 

यह कहना है एडीएम वित्त एवं राजस्व महेन्द्र प्रसाद का

इस संबंध में जब एडीएम से बात की गई, तो उनका कहना था कि अजय का मामला बरेली जनपद से संबंधित है, उन्होंने बताया कि अजय ने अपनी प्रोपर्टी बेची थी, जिसका पैसा आगरा के राजेश चैहान नाम के शख्स ने धोखाधड़ी कर हड़प लिया था। पूर्व में फरियादी के प्रार्थना पत्र पर डीएम ने एएसपी को निर्देश दिए थे, एसपी क्राइम ने आगरा पुलिस के लिए मामला रैफर कर दिया था। सोमवार को अजय ने कलक्टेªट परिसर में यह आत्मघाती कदम उठा लिया। इससे पूर्व उसने किसी से कोई मुलाकात नहीं की। 

 

एक ओर जहां नाउम्मीद हुए अजय ने कलक्टेªट परिसर में खुद को आग के हवाले कर दिया। वहीं जिलाधिकारी मथुरा राजेश कुमार फरियादियों की गुहार सुनने के बजाए चर्चित उद्योगपति नीरा राडिया की हाॅस्पीटल ओपनिंग सेरेमनी पार्टी में शिरकत कर रहे थे। इस दौरान एसएसपी डा. राकेश कुमार भी इसी पार्टी में शामिल थे। इस हृदयविदारक घटना के बाद कलक्टेªट पर मौजूद हर खास-ओ-आम शख्स अधिकारियों की लालफीताशाही और अकर्मण्यता को कोस रहा था। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों की संवेदनहीनता की चर्चा करने से भी गुरैज नहीं कर रहे थे। इस घटना के बाद भी डीएम और एसएसपी ने घटनास्थल की ओर झांकना भी उचित नहीं समझा। 

 

आपबीती को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय से लेकर प्रदेश के मुखिया एवं जिले के आलाधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी जब कोई उम्मीद की किरण दिखाई नहीं दी, तो 30 नवम्बर 2015 को अजय गुप्ता ने प्रधानमंत्री को संबोधित सुसाइड नोट लिखकर जीवन लीला समाप्त करने की सूचना देते हुए मांग की है ‘‘अगर हो सके तो मेरी आत्मा की शांति के लिए उक्त लोगों को सजा दिलवा देना, ताकि कोई आगे किसी भोले व कमजोर आदमी के साथ अपराध न कर सके’’। 


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