नहीं पहुंचे खाद्यय विभाग के अधिकारी
मथुरा। कोसीकलां कस्बे में भारतीय खाद्य निगम के एक कर्मचारी ने विभाग द्वारा वेतन, भत्ता आदि न मिलने को लेकर आत्महत्या की धमकी दी। बताया जाता है कि उक्त कर्मचारी ने किसी वर्तन में विषाक्त ले लिया और कार्यालय में बन्द होकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी। जिसको लेकर प्रशासनिक अमले ने घोंटू टेक सारे दिन उसे मनाने में लगा रहा। बावजूद इसके खाद्यय विभाग को कोई भी उच्चाधिकारी मौके पर नहीं आया। मंगलवार के दिन भारतीय खाद्यय निगम मंे हल्लावोल होता रहा। जानकारी के मुताबिक निगम का लेबर प्रतिनिधि राजकुमार यादव ने खुद को कार्यालय में बन्द कर लिया और आत्महत्या की धमकी देने लगा। विषाक्त खाने की धमकी देते हुये उसने बताया कि विभाग ने पिछले करीब तीन वर्षो से उसका वेतन-भत्ता आदि नही दिया है। इतना ही नहीं विभागीय अफसरों ने उसके द्वारा कार्यरत सारी लेवर का भी तीन वर्षो का भत्ता विभाग पर शेष है। जिसके कारण अन्य कर्मचारी उसे आये दिन प्रताडित करते रहते हैं। कहा कि इन सभी को मिलाकर करीब साढे 6 लाख रू0 विभाग पर बकाया है। उसका कहना था कि जब उसने उन पैसो को निकालने के लिये विभागीय कार्यवाही की तो उच्चाधिकारियों ने उसका स्थानान्तरण बारांबाकी कर दिया। जब वह बाराबांकी डयूटी पर पहुंचा और उच्चाधिकारियों से चार्ज न मिलने पर गुहार लगायी तो उन्होने जगह न होने की बात कहकर वहां से उल्टा लौटा दिया। अब पिछले तीन माह से विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगाते तथा कहीं भी सुनवाई न होने से क्षुब्ध होकर उसने उक्त कदम उठाया हैै। कर्मचारी के कमरे में बन्द होने तथा आत्मदाह की धमकी की सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी और उसे काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन वह उच्चाधिकारियों के आने तथा उसकी नियुक्ति बहाल करने तथा पिछले तीन वर्षो का वेतन भत्ता भी देने की मांग पर अडा रहा। सायं तक थानाध्यक्ष कोसी नरेन्द्र कुमार यादव, उसे मनाने का प्रयास करते रहे इसके बाद उपजिलाधिकारी छाता ने भी उसे कई प्रकार के आश्वासन दिये लेकिन वह मानने को तैयार ही नहीं हुआ। खवर लिखे जाने तक यह फिल्मी ड्रामा चलता रहा।






Related Items
मोबाइल को ‘डिस्कनेक्ट’ करने की धमकी देने वाली कॉल पर न दें ध्यान
सौरव गांगुली को जान से मारने की धमकी
नोटबंदी : आज से बंटेगी सैलरी, दफ्तर छोड लाइनों में लगेंगे कर्मचारी