
मथुरा। करकोटक पंचमी वर्तमान में बिहार पंचमी के इस मौके पर प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बड़े हनुमान मंदिर में काल सर्प दोष के पीडि़त लोगों ने करकोटक नाग की पूजा की। बड़े विधि विधान से चली ये पूजा प्रातः से असकुण्डा स्थित हनुमान मंदिर में दोपहर तक बराबर चली। काल सर्प दोष निवारण हेतु की जाने वाली यह पूजा हर वर्ष इस मंदिर में की जाती है। जिससे कोई पूजा सम्बन्ध में पैसा नहीं लिया जाता है। करकोटक नाग पूजा पंचामृत की सामग्री काले तिल से की जाती है जिससे हल्दी चावल से पूजा होती है। वहीं तीन महादेवों की पूजा जो कि मंदिर में विराजमान है की जाती है। वहीं करकोटक नाग के ऊपर बाल पीपल पूजा आदि सभी करके हनुमान परिक्रमा पूजा करके पूजा को विराम दिया जाता है। सवा किलो कोयले नाग नागिन का जोड़ा महादेव की पिंडी पर चढ़ाया जाता है तथा फूल मालाएं अर्पित की जाती है। इस मंदिर में यह पूजा प्रातः से अनवरत दोपहर तक चली। मंदिर में महंत मनीष पंडित द्वारा उक्त आयोजन कराया गया। पूजा के संबंध में बताया गया है कि जो व्यक्ति इस पूजा को कर लोगा वह एक वर्ष तक काल सर्प देाष से पीडि़त नहीं रहेगा। इसी इसको लेकर यह पूजा हर वर्ष इस मंदिर में की जाती है।






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