मथुरा। आज विकास खण्ड मथुरा के सभागार में किसान दिवस का आयोजन जनपद के कृषकों, कृषि एवं कृषि से सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों के साथ सम्पन्न हुआ। उप कृषि निदेशक राकेश बाबू द्वारा अवगत कराया गया कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सम्बन्धित कर्मचारी अपने क्षेत्र में संचालित मौसम केन्द्र का निरीक्षण करलें। उन्होंने यह भी बताया कि खरीफ की बुवाई हेतु कृषकों को समय से बीज एवं उर्वरक की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कृषकों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। कृषि विभाग द्वारा किसी भी प्रकार का अनुदान प्राप्त करने हेतु शासन द्वारा निर्धारित पंजीकरण केन्द्र पर कृषकों द्वारा पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। पंजीकरण से सम्बन्धित जानकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है। कृषक अपने मोवाइल से टोल फ्री नम्बर 1800 200 1050 पर भी मिस्डकाॅल कर के अपना पंजीकरण करा सकते है। मोबाइल में शून्य बेलेन्स पर भी उक्त नम्बर पर काॅल किया जा सकता है। संकर बीज अनुदान योजना के अन्तर्गत संकर धान एवं बाजरा का बीज प्राप्त करने हेतु शासन द्वारा बीज वितरण की तिथि 30 जून 2015 तक बढ़ा दी गयी है। उन्होंने यह भी बताया कि पंजीकृत कृषकों की सूची सम्बन्धित बीज भण्डारों पर उपलब्ध करा दी गयी है। अतः पंजीकृत कृषकगण संकर बाजरा एवं धान का बीज प्राप्त कर लें। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा पशुओं के गला घोंटू बीमारी का टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा हैं कृषक भाई पशुओं का टीकाकरण अवश्य करायें साथ ही कामधेनु डेयरी एवं मिनी कामधेनु डेयरी परियोजना के इच्छुक कृषक आवेदन करें, कृषकों से अनुरोध किया गया कि मौसम को देखते हुए पशुओं को अधिक से अधिक पानी पिलायें और दिन में दो बार नहलायें। कृषि विज्ञान केन्द्र मथुरा के वैज्ञानिक डा0 बृजमोहन एवं डा0 वाई0के0 शर्मा ने औद्यानिक फसलों एवं खरीफ की फसलों के बारे में कृषकों को बताया कि वर्तमान में बेल, आॅवला, नीबू एवं करौदा की बुआई का उचित समय है। डा0 शर्मा द्वारा धान की एस0आर0आई0 विधि के बारे में विस्तार से कृषकों को बताया गया साथ ही मौसम को देखते हुए धान की उन्नत प्रजाति 1509, 1592 एवं 1692 की रोपाई पर जोर दिया गया। लींड बैंक मैनेजर द्वारा बताया गया कि कृषक भाई खरीफ हेतु 30 जून 2015 तक फसलों का बीमा अवश्य करालें साथ ही अनुरोध किया गया कि जिस फसल के लिये फसली ऋण प्राप्त करते है उसी फसल की बुआई की जायें। अगर किन्ही कारण वश अन्य फसल की बुवाई की जाती है तो उसकी लिखित सूचना सम्बन्धित बैंक को उपलब्ध करा दें।





