नई दिल्ली । कोल इंडिया द्वारा कोयले के दामों में वृद्धि करने के निर्णय से देश भर में बिजली की दरें 8 से 10 फीसदी महंगी हो सकती हैं। टाटा पॉवर के मुख्य कार्यकारी एवं प्रबंध निदेशक अनिल सरदाना ने यह बात कही। उन्होंने सरकार द्वारा उदय योजना और बिजली अधिशेष के दावों पर उत्साह दिखाने के खिलाफ भी चेताया।
सरदना ने कहा कि कोयले के दाम 13 से 19 फीसदी तक बढ़ गए हैं। इसलिए न्यूनतम बढ़ोत्तरी होगी। तापीय विद्युत के लिए यह 13 फीसदी होगी। यदि परिवर्तनशील मूल्य में 13 फीसदी की वृद्धि होगी तो बिजली की औसत कीमतों में 8-10 फीसदी वृद्धि होगी।’ पिछले महीने कोल इंडिया ने कोयले के मौजूदा दामों पर 6.2 फीसदी की औसत वृद्धि की थी ताकि इस वित्त वर्ष में 3,234 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई की जा सके।
साभार-khaskhabar.com






Related Items
प्रीपेमेंट दबावों के बीच कैन फिन होम्स की वृद्धि पर रहेगी नजर
यूरोपीय संघ में 99 फीसदी से अधिक भारतीय निर्यात के लिए खुले दरवाजे
क्या रही होगी 'किस किसको प्यार करूं2' के पीछे की मजबूरी...!