मथुरा। वृंदावन नगर संत समाज ने एक स्वर से गाय, गंगा, गौरी और यमुना को बचाने का संकल्प पारित किया है। देश के सबसे बड़े संत सम्मेलन में एक स्वर से संत समाज ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी है। इस संबंध में जल्द ही संत समाज देवकीनंद ठाकुरजी के नेतृत्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर अपनी मांग को प्रमुखता से उठायेगा। विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा द्वारा आयोजित ‘विराट सनातन धर्म महासम्मेलन’ में देशे के जाने माने संत मौजूद थे। जगदगुरु रामभद्राचार्य ने इस बैठक की अध्यक्षता की। इस संत सम्मेलन में शामिल होने वाले संतो में निम्बार्क संप्रदाय के युवाचार्य श्याम शरण महाराज, रामानुजाचार्य मठ के पीठाधीश जगदगुरु वासुदेवाचार्य महाराज, साध्वी ऋतंभरा, स्वामी चिदानंद, स्वामी ज्ञानानंद महाराज, आचार्य स्वामी दीपांकर महाराज, सतपाल महाराज, पुरुषोत्तम शास्त्री महाराज, देवी चित्रलेखा, स्वामी जगदानंद महाराज, गोपाल मणि महाराज, स्वामी शरणानंद महाराज, दादू दयाल महाराज के अलावा देश के तमाम बड़े संत मौजूद थे। सम्मेलन को संबोधित करते देवकीनंद ठाकुरजी ने कहा कि समय की मांग है कि गाय की रक्षा के लिए गो संवर्धन आयोग का गठन किया जाए, यमुना की सफाई के लिए आंदोलन चलाया जाए और इंग्लिश स्कूलों में हो रहे हिंदू संस्कृति के अपमान को बंद किया जाए। साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि गाय की हत्या करने वालों को फांसी दी जाए। स्वामी चिदानंद ने कहा कि सभी एक स्वर से चमड़े से बनी चीजों का त्याग करें ताकि गौ की हत्या रोकी जा सके और यमुना को साफ करने के लिए हम खुद आंदोलन चलाएं। जगदगुरु राम भद्राचार्य ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि अपनी आने वाली पीढियों में अच्छे संस्कार जगाने के लिए संत समाज खुद विद्यालय खोलें। जगदगुरु राम भद्राचार्य ने ये भी मांग की कि जल्द से जल्द राम मंदिर का निर्माण सरकार सुनिश्चित कराए।





