मथुरा। श्री कृष्ण जन्म महोत्सव समिति के तत्वावधान में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लीलामंच पर श्री गिर्राज पूजन एवं छप्पन भोग का आयोजन किया गया। श्री राधा विनोद लीला संस्था द्वारा प्रदर्शित की जा रही रासलीला में दिखाया गया कि समस्त बृजवासी अपने देवता इन्द्र की पूजा किया करते थे। किन्तु कृष्ण ने बृजवासियों से कहा कि तुम इन्द्र की पूजा के स्थान पर गिर्राज जी की पूजा किया करो जो कि मेरे देवता हैं तो बृजवासियों ने गिर्राज महाराज का पूजन आरंभ कर दिया। इससे कुपित होकर इन्द्र ने ब्रज में लगातार सात दिन, सात रात तक अनवरत जलवृष्टि कर दी। चहुँ और त्राहि त्राहि होने लगी तभी कृष्ण ने अपनी कन्नी ऊँगली पर गिर्राज पर्वत को धारण कर समस्त ब्रजवासियों को जलवृष्टि से बचा लिया। समिति द्वारा लीला मंच पर भव्य छप्पन भोग का आयोजन किया गया जिसमें अनेक प्रकार के व्यंजनों को बनाकर आकर्षक रूप में सुसज्जित किया गया। इस भावपूर्ण लीला प्रदर्शन के मध्य ही श्री गिर्राज महाराज का पंचामृत अभिषेक किया गया। अभिषेक का शुभारम्भ श्रीकृष्ण बलराम के स्वरूपों एवम् समिति के संरक्षक सूरजभान गुप्ता, अध्यक्ष प्रो0 लक्ष्मण दास अग्रवाल, महामंत्री गिरीश चन्द्र अग्रवाल द्वारा किया गया। उपस्थित सभी भक्तों को प्रसाद एवम् पंचामृत का वितरण किया गया।





