ग्राउज होंगे रेल विरासत के दावेदार

मथुरा। 140 वर्षों से गुमनामी में खोये रहे आधुनिक मथुरा के निर्माता व स्थानीय रेल जनक तत्कालीन कलेक्टर एफएस ग्राउज के रेल योगदान पर लगी अटकलें उस समय एकाएक टूटकर बिखर गई जब रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने ग्राउज को रेल विरासत मे शामिल किये जाने की परियोजना मंजूर कराई। यह जानकारी डाॅ. रमेश चन्द्र शर्मा स्मारक शोध एवं सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डाॅ. सुरेश चन्द्र शर्मा ने रेल मंत्रालय, नई दिल्ली में कार्यकारी निदेशक मनुु गोयल एवम् उप निदेशक एचसी बांगा के साथ बैठक के उपरान्त दी। डाॅ. शर्मा ने बताया कि परियोजना के क्रियान्वन हेतु श्री गोयल ने 19 अक्टूबर 1875 की प्रथम ऐतिहासिक रेल यात्रा समेत राष्ट्रीय घटनाओं को मीटर गेज की लाइन के कोचों में प्रदर्शित करने का सुझाव दिया। इस तरह एक वर्ष के अन्दर विगत तीन वर्षों से विलंबित परियोजना को मंजूरी मिल गई जो जल्द ही मूर्त रूप ले सकेगी। डाॅ. शर्मा ने आगे बताया कि बैठक में ग्राउज माॅडल को देशव्यापी बनाये जाने पर भी चर्चा हुई जिस पर श्री गोयल ने फिलहाल असमर्थता जताई। डाॅ. शर्मा ने इस सम्बन्ध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन देने का फैसला किया है। बताया कि लोको हेरिटेज गैलरी एवं लाइब्रेरी ऐसी परियोजना है जिसे कम से कम वल्र्ड क्लास स्टेशन्स का हिस्सा बनाया जा सकता है क्योंकि रेलवे स्टेशन्स को रोटी व बिस्तर तोड़ने एवं गंदगी के सेन्टर से मुक्त कराकर सशक्त सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक केन्द्र में रूपान्तरित करने की सख्त जरूरत है जिसके माध्यम से जहाँ पुस्तकों में उपलब्ध ज्ञान जीवन्त हो उठेगा, वहीं स्वाधीनता आन्दोलन की घटनाओं समेत आम आदमी से जुड़े भारत का विकास लोगों को रोमांच व देशप्रेम से भर देगा।


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