आप टीनएजर हैं और एक्ने से परेशान हैं तो विश्वास मानिए कि 90 प्रतिशत किशोर वर्ग इसके चंगुल में है। अमरीका से जिम्बाबे तक, यह हर देश के टीनएजर पर आपना शिकंजा कसता है। न्यूयार्क यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बैरसन के अनुसार, कुछ बच्चे एक्ने को इतनी गंभीरता से ले बैठते हैं कि वे घर से बाहर निकलने से भी कतराते हैं। यहां तक कि किसी समारोह में न जाने का बहाना तक बना डालते हैं कुछ ऐसी बातें, जो एक्ने को कम करने व रोकने में सहायक होती हैं जानिए...एक्ने की शुरूआत होते ही डरमॉटोलोजिस्ट की सलाह लेना सुरक्षात्मक कदम होता है। बाह्यस्तर पर धूप, धूल, प्रदूषण, कैमीकल्स मेकअप आदि द्वारा तथा चक्कर में त्वचा प्रभावित होकर एक्ने के चक्रव्यूह में फंस जाती है। इसीलिए डरमॉटोलोजिस्ट की सलाह ही बचाव करती है। हर रात सोने से पूर्व मेकअप अच्छी तरह उतारें व साफ करें ताकि त्वचा के रोमकूपों को पूर्ण ऑक्सीजन मिल सके। क्योंकि मेकअप रोमकूपों को बंद कर रोगकारक कीटाणु और बैक्टीरिया को बढाने में सहायक साबित होता है। पौष्टिक व संतुलित भोजन, ढेर सारे फल, हरी सब्जी तथा 8-10 गिलास पानी का सेवन, पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। एक विचारानुसार खान-पान का एक्ने से कोई लेना-देना नहीं होता फिर भी डॉक्टरों के अनुसार, शुगरीय पदार्थों का सेवन एक्ने में वृद्धि करता है। हर हाल में अपने अन्तर्वस्त्र रोज बदलें। उन्हें डिटॉल के पानी से साफ कराएं या करें। हफ्ते में एक बार बेडशीट, पिलीकवर बदलें। हर तीसरे दिन अपना टॉवल धुलवाएं। एसिडिटी तथा बॉडीहीट के कारण एक्ने निकलते हैं। ऐसी स्थिति में पेट को ठंडा रखने के लिए छाछ, पुदीना पेय, ठंडा दूध, नारियल पानी आदि लेना लाभप्रद रहता है।
साभार-khaskhabar.com






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