मथुरा। दिव्य शक्ति की प्रेरणा व काष्र्णि गुरू शरणानंद महाराज के आशीर्वाद से यमुना शुद्धि संकल्प मिशन 2015 के हाईकमान के मस्तिष्क में आया यमुना शुुद्वि का विचार अब देशवासियों के लिए नई उपलब्धि बनता जा रहा है। यह यमुना भक्तों द्वारा की गई एक नई पहल है। यही कारण है कि जहां टैम्स नदी को शुद्ध किया गया वहीं अन्य नदियों की स्वच्छता के लिए विशेष कार्यक्रम देश भर में किए जा रहे हैं। यमुना के घाटों पर यमुनोत्री का स्वच्छ जल यमुना भक्तों को प्राप्त हो रहा है यह उनके लिए गौरव की बात है। उक्त विचार व्यक्त करते हुए मिशन के संयोजक पं0 अनिल शर्मा ने सर्वप्रथम वृंदावन शहर की जनता को सोमवार को निकाली गई पदयात्रा में सहयोग करने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि उन्हें आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि शहर वासियों का भरपूर सहयोग उन्हें इस बार की भांति आगे भी प्राप्त होता रहेगा। उन्होंने कहा कि इसे एक विशेष उपलब्धि के रूप में देखा जा सकता है। यह कार्य दिव्य ज्ञान द्वारा ही संभव है। उन्होंने बताया कि अब मथुरा के घाटों पर यमुना प्राचीन समय की भांति ही प्रवाहित होगी जिसका जल आचमन योग्य होने के साथ-साथ स्नान करने के लिए भी होगा। उनके अनुसार विश्व की यह पहली पहल है जो यमुना को शुद्व कराने के लिए की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन भूमि पर अतिक्रमण कारियों ने कब्जा कर रखा था, उस भूमि पर अब यमुना बहती दिखाई देगी। यमुना के घाटों पर यमुना स्त्रोतों के माध्यम से यमुना जल लाया जा रहा है। यमुना भक्तों द्वारा वैज्ञानिकों की सोच से उपर उठकर टैक्निकल दिव्य विचार पद्वति के माध्यम से यमुना भक्तों का यह कार्य बेहद सराहनीय है। अंत में उन्होंने इस पदयात्रा में लोगों द्वारा दिए गए योगदान की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।





