मथुरा। जनपद में महिला उत्पीड़न के पुलिसिया दावे खोखले साबित होते जा रहे हैं। रोजाना बलात्कार, महिलाआंे से छेड़छाड़ और बलात्कार के प्रयास के मामले व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। महिलाओं की सुरक्षा के पुलिस मोबाइल पर गूंजते स्वर बेदम नजर आ रहे हैं। डीजी से लेकर छोटे अधिकारियों तक ने अपने मोबाइलों पर ऐसे संदेश जन जागरूकता के लिये लगा रखे हैं लेकिन लगता है उनका कोई मतलब नहीं रह गया है। आज जनपद में फिर बलात्कार और महिलाओं से छेड़छाड़ के तीन मामले प्रकाश में आये हैं।
मिली जानकारी के अनुसार थाना राया अंतर्गत गांव खेरिया नीमगांव निवासी पवन कुमार की 15 वर्षीय बहिन के साथ गांव के नामजद सहित चार लोगों ने बलात्कार किया और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में पीडि़त द्वारा आशीष उर्फ देवू आदि चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है।
वहीं थाना बरसाना अंतर्गत गांव शिवाल में खूबीराम पुत्र लख्मी ने रिपोर्ट लिखाई है कि गांव के ही हरिओम पुत्र परशुराम आदि दो लोगों ने उसकी पत्नी से छेड़खानी की और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस का कहना है कि मामला पुराने विवाद का है। वहीं थाना रिफाइनरी अंतर्गत गांव लाड़पुर में सरस्वती पत्नी नाहर सिंह जाटव निवासी नगला ग्यासी रिफाइनरी ने रिपोर्ट लिखाई है कि गांव के ही विनीत पुत्र घूरेलाल ब्राह्मण आदि दो लोगों ने उसको बुरी नीयत से पकड़कर कटटे की नाल तानकर छेड़छाड़ करते बलात्कार की कोशिश की। विरोध करने पर मारपीट, जान से मारने की धमकी दी और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया।





