
नामयोग साधना मन्दिर में बाबा जयगुरूदेव के वार्षिक भण्डारा सत्संग मेला में प्रवचन करते पंकज बाबा एवं अनुयाई
बाबा जयगुरुदेव के वार्षिक मेले के चैथे दिन हुए दहेज रहित सामूहिक विवाह में एक नवदम्पत्ति को शुभाशीष देते बुजुर्ग
मथुरा। बाबा जयगुरुदेव के नामयोग साधना मन्दिर पर चल रहे 5 दिवसीय वार्षिक भण्डारा सत्संग मेला में चैथे दिन संस्थाध्यक्ष पंकज बाबा ने कहा कि महापुरुष इस भूल भ्रम के देश में जीवों के जगाने और चेताने के लिये आते हैं। वे बताते हैं कि यहां न किसी को सुख मिला है न मिलेगा। महापुरुष इस दुनियां को सुख की नगरी बनाने नहीं आते हैं। यदि इस काम को करने के लिये आते होते, तो अब तक इतने महापुरुष आये कि यह सुख की नगरी बन गयी होती। यह दुःख सुख का मसला न कभी हल हुआ और न होगा। किसी भी व्यक्ति को उसके पूरे जीवन में केवल दुःख या सुख नहीं रहता। बल्कि यह दिन रात की तरह पूर्व जन्म के पाप पुण्य कर्म फल का परिणाम होता है। महापुरुष जीवन यापन की ऐसी तरकीब बताते हैं जिससे हमारा ख्याल इधर से हटकर प्रभु की भक्ति में लग जाये और संसार में सुख की अनुभूति कर सकें। जीवात्माओं का देश सतलोक और मजहब मालिक गुरु का प्यार है। सतलोक से महापुरुष आकर जीवात्माओं को समझाते हैं जिससे उनको अपने देश और पिता, मालिक को जान सके और अपने मालिक के पास पहुंचने की तैयारी करें। उन्होंने आगे कहा कि हम लोग धन दौलत, मजहबों, कौमों की मान बढ़ाई में सुख ढूंढ़ते हैं। पहले शिक्षा संचार के संसाधनों के अभाव में सम्बन्ध बहुत दूर तक फैलेे नहीं होते थे। झोपड़ी में रहते थे, एक साथ बैठकर भोजन करते थे और सो जाते थे। लेकिन आज इतना विकास हो जाने के बाद भी सभी तरफ भाग दौड़ मची हुई है। किसी का किसी पर विश्वास नहीं है। सुख आराम नहीं मिल रहा है। सभी जगह तीर्थ स्थल सी भीड़ लगी हुई है। सबको तनाव व चिन्ता दिखाई पड़ रही है, यह तरक्की का वसूल नहीं है। आज हम लोग मशीनों के मालिक बनने के बजाय उसके पुर्जे बन गये। तरक्की वह ठीक होती है जिससे सभी में प्रेम हो, सबको भोजन मिले, न्याय व सुरक्षा मिले। शाकाहार सदाचार अपनाने से सबको आराम मिलेगा। बाबा जी ने शाकाहार अपनाने और नशा परित्याग के लिये घनघोर प्रचार करने का आदेश दिया था। यह हमारे समाज की रीढ़ है। इसी से अनेक बुराईयां खत्म हो जायेंगी।
उन्होंने बताया कि होली सत्संग मेला कार्यक्रम अबकी बार 5, 6 व 7 मार्च 2015 तक बाबा जयगुरुदेव जी की जन्मभूमि खितौरा जिला इटावा में होगा। 13 जनवरी को शाकाहार सदाचार की विशाल शोभा यात्रा उ0प्र0 में वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे से लंका मैदान गाजीपुर के लिये निकाली जायेगी। वहां 14 जनवरी को मकर संक्रान्ति पर होगा। सत्संग मेले में इस बार श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति है पूरा मेला मैदान भरा हुआ है। मन्दिर और समाधि स्थल पर पूजन की लम्बी लाइनें लगी हुई हैं। श्रद्धालु अपने घरों को वापस लौट रहे हैं। मेले में स्थापित रेलवे टिकट घर से सभी स्टेशनों के लिये टिकट मिल रहा है।






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