झूलन महोतसव का समापन

मथुरा। श्री हित हरिवंश महाप्रभुजी की जन्मस्थली बाद ग्राम में श्री जी मंदिर पर भव्य झूले उत्सव का समापन उल्लासपूर्वक हुआ! हरियाली तीज से शुरू हुए झूला उत्सव का आज समापन हो गया। हर वर्ष की तरह झूला उत्सव की पुरातन परम्परा को श्रद्वालु भक्ति भाव से मनाते है! जिसमे प्रिया पीतम को झूला झुलाने से पहले झूला भोग लगाया जाता है और भोग के पद गाये जाते है। तत्पश्चात युगल सरकार को झूला झुलाया जाता है! जिसमे श्री हित हरिवंश महाप्रभु द्वारा रचित झूलत दोउ नवल किशोर एवं अन्य भक्त संतों का पदों का समाज गायन होता है! अंतिम झूला में पद लाल मेरी पिघली पिरान लगी गाकर झूला उत्सव सम्पूर्ण हो जाता है। मंदिर के महंत श्री दम्पति किशोरीजी महाराज, श्री राधावल्लभ बाबा, मुखिया खेलनबिहारी, व्यासनंदन, छिंगा भगत एवं अन्य श्रद्वालुआ ने समाज गायन कर समारोह का समापन किया।

 


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