अवैध वसूली करने वालोें के खिलाफ होगी कार्रवाई
मथुरा। जिला महिला अस्पताल में आज जिलाधिकारी के औचक निरीक्षण से अस्पताल में हड़कंप मच गया। अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त की और जिला अस्पताल में होने वाली अवैध वसूली पर डाक्टर और स्टाफ नर्स और वार्ड व्याॅय को जमकर लताड़ लगाई और सीएमएस को इनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आज जिलाधिकारी महिला अस्पताल पहुंचे और वे ओपीडी गए और वहां महिला चिकित्सक से आज दोपहर 12 बजे तक आईं महिला मरीजों की जांच के बारे में जानकारी ली। इसके पश्चात श्री कुमार दवा वितरण कक्ष और स्टोर में पहुंचे जहां उन्होंने बारी-बारी से अस्पताल में उपलब्ध दवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। वे महिला वार्ड में पहुंचे जहां उन्होंने प्रसववती महिलाओं से पूछताछ की और उनसे अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं और खान-पान के बारे में जानकारी ली। डीएम को दुर्गेश नामक एक महिला जो श्यामसुंदर काॅलौनी की रहने वाली है उसने बताया कि उससे स्टाफ नर्स द्वारा एक हजार रुपए लिये गए हैं, इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और महिला से उस नर्स और डाक्टर का नाम पूछा, लेकिन महिला डाक्टर और नर्स का नाम बताने में असमर्थ रही। उन्होंने नाइट ड्यूटी स्लीप मंगवाई और किसकी ड्यूटी थी, उसके नाम जानकारी की। बताया गया कि हुश्नआरा बेगम जो स्टाफ नर्स है तथा नर्स डी पाण्डे द्वारा एक हजार रुपए लिये गए। इस पर जिलाधिकारी ने स्टाफ नर्स और रात की ड्यूटी करने वाली नर्स के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए और डाक्टर व नर्सों में जमकर लताड़ लगाई। महिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और सफाई व्यवस्था दुरूस्त करने के आदेश सीएमएस को दिए। उन्होंने 21 जून से 20 जुलाई तक होने वाले प्रसव की महिलाओं की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि कुल 332 महिलाओं का रजिस्टेªशन हुआ जिनमें चार के सीजर आॅपरेशन के जरिए बच्चे पैदा हुए तथा चार लोगों को रैफर किया गया। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि जब मरीजों को भर्ती न कर उन्हें बाहर से ही लौटा दिया जाता है, तो सही रैफर होने वाली मरीजों की संख्या कैसे मालूम होगी। उन्होंने पूरा रिकार्ड उपलब्ध कराए जाने के निर्देश सीएमएस को दिए। उन्होंने अस्पताल में एनआईसीयू की आवश्यकता महसूस की और इसके लिए शासन को रिपोर्ट देने की बात कही।





