
नई दिल्ली : संचार, सूचना, प्रौद्योगिकी, विधि और न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि अतीत में गलत कारणों से विभाग के चर्चा में रहने के कारण विभाग का मनोबल सुखद स्थिति में नहीं है और अब निर्णय योग्यता के आधार पर लिया जाएगा और अब पैरवी के दिन लद गए।
उन्होंने सभी अधिकारियों से कहा कि वह खुले रूप में निर्णय लेना सीखें ताकि भारतीय अर्थव्यवस्था के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हो सके। प्रसाद ने बीएसएनएल तथा एमटीएनएल के कार्य प्रदर्शन और बुनियादी संरचना में सुधार पर बल देते हुए कहा कि यह प्राथमिकता का महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं बीएसएनएल और एमटीएनएल के कामकाज की सक्रिय निगरानी करेंगे। इसके लिए उनके कक्ष में उचित उपकरण लगाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसी विशेष सर्किल में बेस ट्रांसमिशन स्टेशन संतोषजनक तरीके से काम नहीं करने के मामले को गंभीरता से लिया जाएगा।
संचार मंत्री ने कहा कि तीन वर्षों में देश के 2,50,000 ग्राम पंचायतों में ब्रॉडबैंड सुविधा दे दी जाएगी। संचार भवन में संवादाताओं से बातचीत में संचार मंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में 50,000 ग्राम पंचायतों को कवर करने का लक्ष्य है तथा 2015-16 और 2016-17 प्रत्येक वर्ष में एक लाख ग्राम पंचायतों को कवर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीएसएनएल और एमटीएनएल के प्रदर्शन में सुधार प्राथमिकता है ताकि बेहतर उपभोक्ता संतुष्टि के लिए इन संगठनों की सेवाओं में सुधार किया जाए।
प्रसाद ने कहा कि सरकार देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में दूरसंचार नेटवर्क में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। 5,000 करोड़ की अनुमानित लागत से 8,000 मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। प्रसाद ने बताया कि राष्ट्रव्यापी मोबाइल नेटकर्क पोर्टेबिलिटी के लिए सिद्धांत रूप में मंजूरी दे दी गई है और ट्राई की सिफारिशें आने के बाद इसे लागू किया जाएगा।
इलेक्टॉनिक्स विभाग तथा सूचना प्रौद्योगिकी की प्राथमिकता के बारे में रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग प्राथमिकता का क्षेत्र है। इस क्षेत्र में दो करोड़ 80 लाख लोगों को रोजगार देने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने संशोधित विशेष प्रोत्साहन सब्सिडी योजना के लिए आठ नए क्षेत्रों की पहचान की है। इन क्षेत्रों में गाजियाबाद(उप्र), वडोदरा और गांधी नगर(गुजरात), नागपुर, नासिक, औरंगाबाद तथा थाणे(महाराष्ट्र) शामिल है।
प्रसाद ने बताया कि मंत्रालय ने भोपाल, भुवनेश्वर, हैदराबाद, महेश्वरम्, भिवाड़ी, जबलपुर, होसुर तथा काखानाडा में ग्रानफील्ड मेन्यूफैक्चरिंग कलस्टर विकसित करने का काम हाथ में लिया है। प्रसाद ने कहा कि देश में मोबाइल फोन के क्षेत्र में विकास तथा उपभोक्ताओं के कल्याण के दो लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए वह स्पेक्ट्रम संबंधी विषयों के लिए पारदर्शी प्रबंधन करने की प्रक्रिया में है।
डाक विभाग की प्राथमिकताओं के बारे में रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि उनका मंत्रालय वित्तीय समावेश के लिए पोस्टल बैंकिंग स्थापित करने पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि देश के एक लाख 55 हजार डाकघरों में कुल बचत जमा 6 लाख करोड़ रुपए है। प्रसाद ने कहा कि ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी परियोजना के लिए 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि बीएसएनएल, पावर ग्रिड कारपोरेशन तथा रेलटेल तीन पायलट परियोजनाओं पर काम कर रही हैं और इन्हें चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में फैलाया जाएगा।






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