मथुरा। दीन-हीन एवं असाहय जनों के ह्ृदय में ही ईश्वर का निवास है यदि हम धनवान होकर भी दीन-हीन असहाय निःशक्त जनों की सेवा में अपने धन को नहीं लगाते हैं तो वह धन किसी काम का नहीं है । ईश्वर किसी मंदिर में नहीं अपितु दीन-हीन के ह्ृदय में विराजते हैं और वास्तव में वही धन सार्थक है जो दीन-दुःखी जनों के काम आता है सेवा पूजा, ध्यान योग इन सबसे बड़ा धर्म है। जहाँ निज स्वार्थ, लाभ एवं यश की कामना से रहित सहायता की जाती है वह सेवा है।
सेवा मंे अहम का भाव नहीं आना चाहिए। यह विचार पुण्डरीक गोस्वामी महाराज ने कल्याणं करोति मथुरा द्वारा आयोजित निःशुल्क पोलियो शल्य चिकित्सा शिविर के समापन समारोह के अवसर पर व्यक्त किये। संस्था महासचिव सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि निःशुल्क पोलियो शल्य चिकित्सा शिविर मैं दूर-दराज केे अंचलो सेे आये 95 पोलियों से पीडि़तों ने पंजीकरण कराकर परीक्षण कराया जिसमें से 52 पोलियो रोगियों के आॅपरेशन जयपुर के प्रख्यात अस्थिरोग विषेशज्ञ डाॅ. वीके तिवारी एवं डा. आरबी शर्मा की चिकित्सीय टीम द्वारा आॅपरेशन सम्पन्न किये गये। कार्यक्रम का संचालन शालिनी शर्मा ने किया। इस अवसर पर चै. दीनानाथ अग्रवाल, राजीव अग्रवाल चैकसी, डाॅ. चन्द्रकिशोर पाठक, बालकिशन सर्राफ, सुरेशचन्द्र, कल्याणदास वृजवासी, रमेशचन्द्र सर्राफ, मुरारीसरन सर्राफ, राधाबिहारी गोस्वामी, गौरव अग्रवाल, बीके शुक्ला, रामसनेही, मुकेश आदि मौजूद थे।





