रसियों के रस में भीगी रात
हसीं, ठिठोली और स्वांग का चला दौर
दीनदयाल धामः अंत्योदय के उपासक के जन्मस्थली में रसियों के अखाड़े में हसीं, ठिठोली और स्वांग के बीच जमे रसिया के अखाड़े में पूरी रात रस बरसा और रात रस में भीगती रही। छंद, फिल्मी पेरोड़ी और कवित्त के मिश्रण से निकले रसियों में कई बार गायकी में भाव भी भरा।
महाभारत, राजनीति और गायकी पर हुए रसियों के कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व विघायक अजय कुमार पोइया, भाजपा नेता हरीश सुहाना, जगन प्रसाद उपाध्याय, सालिगराम वटिया, अशोक शर्मा, महीपाल सिंह ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के छवि चित्र पर दीप प्रज्जवलित करके की। शुरुआत राया के बीके मधुआ और हाथरस के अखाड़ा विजेन्द्र शर्मा के बीच देवी वंदना से हुई। इसके बाद दोनों अखाड़ों के गायक मैदान में उतर पड़े। रातभर धार्मिक, संवेदना और सवैया का दौर चला। रसिया गायकी का आनंद लेने को हजारों की भीड़ रातभर जमी रही। गायकी से पहले कार्यक्रम प्रायोजक भाजपा नेता भवानी शंकर पचैरी ने अखाड़ा गायकों राया के आकाश शर्मा और हाथरस के गायक विजेन्द्र शर्मा का पटुका ओढ़ाकर स्वागत किया। राजदर्शन पचैरी ने मेला सर्व व्यवस्था प्रमुख सीपी शर्मा, सोनपालजी, ब्रजमोहन गौड़, जगमोहन पाठक, प्रभूदयाल दीक्षित, सुरेश एडवोकेट, हीरालाल, लालसिंह, सोरन सिंह, गया प्रसाद, निरंजन सिंह का पटुका पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान हीरालाल शर्मा, योगेन्द्र दुबे, महावीर चैधरी, देवेन्द्र तरकर, रतन सिंह पहलवान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता जगन प्रसाद उपाध्याय ने और संचालन श्रवण कुमार और देवी प्रसाद पाठक ने किया।





