हरारे । जिम्बाब्वे का वनडे सीरीज में 3-0 से सफाया करने वाली टीम इंडिया की तीन मैचों की टी20 सीरीज में बेहद खराब शुरुआत रही। उसे शनिवार को हरारे स्पोट्र्स क्लब के मैदान पर पहले टी20 मैच में दो रन से हार का सामना करना पड़ा। माना जा रहा था कि टी20 में भी मेजबान टीम का वनडे जैसा ही हाल होगा, लेकिन अपने बेहतर खेल के साथ मेहमान टीम के घटिया प्रदर्शन के कारण जिम्बाब्वे जीत का स्वाद चखने में सफल रहा। भारत ने इस मैच के लिए जयदेव उनादकत और ऋषि धवन को धवल कुलकर्णी और बरिंदर सरण की जगह खिलाने का फैसला किया, जो गलत साबित हुआ। भारत को आखिरी गेंद पर जीत के लिए चार रन चाहिए थे और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी स्ट्राइक पर थे, लेकिन वे एक रन ही ले पाए। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में धोनी ने कहा कि यह बल्ले और गेंद के बीच अच्छा मुकाबला था। मेरे हिसाब से अंतिम गेंद बहुत अच्छी डाली गई थी। हमारी गेंदबाजी और फील्डिंग अच्छी नहीं रही। इसके अलावा हमारे कुछ बल्लेबाजों ने अपना विकेट उपहार में दे दिया, जिनमें से कुछ तो अभ्यास के दौरान दिए जाने वाले कैच देकर आउट हुए। मैं जानता हूं कि ये ऐसी जगह है जहां उनमें से अधिकतर ने दबाव महसूस किया होगा। मुझे उम्मीद है कि वे इससे सीखेंगे। यह सीखने का सही समय है, लेकिन हमारे बल्लेबाजों ने भी गलतियां कीं। बहुत ज्यादा सोचने की जरूरत नहीं है, हम हमारी सर्वश्रेष्ठ एकादश के साथ नहीं उतरे। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने अच्छी खेल दिखाया, लेकिन हमने गेंदबाजी बिल्कुल बढिय़ा नहीं की। जिम्बाब्वे की ओर से ताबड़तोड़ 54 रन की पारी खेलने वाले एल्टन चिगुंबुरा को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला।
साभार-khaskhabar.com






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