नए साल पर धर्म नगरी रहेगी श्रद्धालुओं से गुलजार

मथुरा। म्ंादिरों की नगरी वृंदावन के साथ-साथ गोवर्धन,मथुरा सहित गोकुल, बरसाना इस वीकंड श्रद्धालुओं के आगमन से गुलजार रहने वाला है। छुट्टियां और आने वाले नव वर्ष को श्रद्धालु अपने आराध्य की शरण में मनाने के लिए यहां आने लगे हैं। धर्मशालाओं, गेस्टहाऊस और होटलों के अलावा आश्रमों में अभी से श्रद्धालुओं ने अपने ठहरने के लिए व्यवस्थाओं का जायजा लेने के साथ ही बुकिंग कराना शुरु कर दिया है। वहीं प्रशासन के नाकाफी इंतजामों के चलते बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को यहां असुविधाओं से दो-चार होना पड़ेगा। गोवर्धन, वृंदावन के साथ ही मथुरा में ट्रैफिक जाम की समस्या श्रद्धालुओं की आस्था की राह में बड़ा रोड़ा साबित होगी। बता दें कि  एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहनों को दिल्ली व एनसीआर से आने में भले ही कम समय लगे लेकिन धर्मनगरी वृंदावन में नासूर बनी जाम की समस्या श्रद्धालुओं को अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी मंदिर तक पहुॅचने के लिए घंटों का समय बर्बाद कर देती है। इतना ही नहीं जाम में फंसे श्रद्धालुओं को गाडि़यों से उतरकर स्वंय ट्रैफिक व्यवस्था संभालनी पड़ती है।

गौरतलब है कि 25 दिसम्बर से स्कूल-काॅलेजों और आॅफिसों की छुट्टी होने के बाद नए साल के आगमन के जश्न को धर्म के प्रति आस्था रखने वाले श्रद्धालु पश्चिमी सभ्यता से परे अपने आराध्य की शरण में मनाना सबसे बेहतर समझते है और शायद इसीलिए हर साल दिसम्बर माह के लास्ट वीकंड के दौरान दिल्ली-एनसीआर के अलावा पड़ोसी राज्य हरियाणा और राजस्थान एवं अन्य प्रांतों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्म नगरी पहुॅच कर वृंदावन में जहां विभिन्न मंदिरों के दर्शन करते हैं वहीं गोवर्धन पहुॅच कर गिरिराज जी की सप्तकोसीय परिक्रमा भी लगाते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से धर्म नगरी गुलजार रहने वाली है और विभिन्न आश्रमों, धर्मशाला, गेस्टहाऊसों और होटलों ने भी इसकी तैयारी शुरु कर दी है। बताया गया है कि 25 दिसम्बर से लेकर 03 जनवरी तक वृंदावन के अधिकांश गेस्टहाऊस, धर्मशाला और होटलों में कमरे बुक हो चुके हैं।  

 

 

एक्सप्रेस-वे ने घटाई दूरी लेकिन वृंदावन में जाम से घंटों में तय होता है बिहारी जी मंदिर तक का सफर

 

देश-विदेश में भले ही धर्म नगरी मथुरा-वृंदावन का महत्व बढ़ा है लेकिन सरकारी मशीनरी की उपेक्षा के चलते यहां आने वाले श्रद्धालुओं को हमेशा ही जाम और पार्किग जैसी समस्याओं से जूझना पड़ता है। ट्रैफिक समस्या को लेकर सबसे बुरा हाल वृंदावन का है जहां प्रशासन ने तमाम बैठकें करने के बाद भी ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। किसी भी रोड पर यातायात लाइटें भी नहीं लगावाई गई हैं। हालात ये है कि यमुना एक्सप्रेस-वे के रास्ते दिल्ली एनसीआर से आने वाले श्रद्धालु करीब ढाई से तीन घंटे में वृंदावन तक का सफर तय कर लेते हैं लेकिन वृंदावन में प्रवेश के बाद अपने आराध्य ठाकुर बांके बिहारी के मंदिर तक पहुॅचने में उन्हें जाम में फंसकर दो से ढाई घंटे का समय बर्बाद करना पड़ता है। यहीं हाल गोवर्धन का है जहां जाम की वजह से श्रद्धालु घंटों अपने वाहनों में ही कैद होकर रह जाते हैं। 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login






Mediabharti