मथुरा। ब्रज में नाग पंचमी का पर्व श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। महिलाओं ने आज सुबह अपने घरों के मुख्य द्वार पर नाग देवता बनाकर उनकी पूजा-अर्चना की और दूध पिलाया। शिव मंदिरों के आस-पास भी सपेरो के नागों को दूध पिलाते हुए लोगों को देखा गया। श्रावण मास की शुक्लपक्ष की पंचमी को यह पर्व मनाया जाता है। आज के दिन नाग देवताओं की पूजा करने का विशेष महत्व मना गया हैं। आज के दिन नाग देवता की पूजा करने से काल सर्प से पीडि़त लोगों को लाभ होता हैं। उनके घर में सुख शान्ति आती हैं तथा व्यापार धंधा भी ठीक तरह से चलता हैं। शहर के नाग टीले पर भी भारी संख्या में लोगों को नाग देवता की पूजा-अर्चना करते देखा गया। सुबह से ही लोग नाग मंदिरों में पहुंचकर नाग देवता की पूजा-अर्चना करने में लगे थे। आज नाग पंचमी पर्व को लेकर ब्रज के घरों में शहर तथा देहात क्षेत्रों में नाग देवों को दीवार पर काढ़कर दूध, पेड़ा से पूजन किया गया। इस मौके पर घरों के लोगों ने बच्चों व परिवार की रक्षा व सुख शान्ति की नाग देव से प्रार्थना की। वहीं आज नाग पंचमी को लेकर काल सर्प दोष के पीडि़त लोगों द्वारा असकुण्डा घाट स्थित बड़े हनुमान मंदिर में कालसर्प दोष पीड़ा निवारण हेतु सुबह छह बजे से ही करकोटक पूजन का कार्य भारी श्रद्धा के बीच लोगों ने दोपहर एक बजे तक किया। शहर-देहात तथा दूर दराजों से आये लोगों ने पंजामृत व काले तिल तथा हल्दी से करकोटक पूजन, शिव पूजन, बाल पीपल पूजन कर दोष निवारण हेतु नाग नागिन का जोड़ा भी अर्पित किया। मंदिर के महंत मनीष शर्मा ने पूजनार्थियों को विधि-विधान से पूजा कराई। इसीक्रम में आज बलदेव स्थित दाऊजी महाराज मंदिर में भी लोगों ने दाऊ दादा का तथा रेवती माता का नाग नागिन मानकर पूजन किया तथा सर्पदोष से मुक्ति देने की प्रार्थना की।





