
मथुरा। ममतामयी निरंकारी राजमाता कुलवंत कौर की स्मृति में देश व्यापी प्रेरणा दिवस यहाँ हाइवे के नवादा स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन में भी श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। मीडिया प्रभारी किशोर स्वर्ण ने बताया कि निरंकारी बाबा हरदेव सिंह महाराज की मातृ ममतामयी निरंकारी राजमाता कुलवन्त कौर 29 सितम्बर 2014 को अपना नश्वर शरीर त्याग कर ब्रह्मलीन हो गयी। 84 वर्षीय राजमाता कुलवंत को मात्र आठ वर्ष की अल्प आयु में बाबा अवतार सिंह से ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति हुई थी। अध्यक्षीय संदेश में आगरा से आयीं जोनल इंचार्ज श्रीमती कान्ता महेन्दु्र ने कहा कि निरंकारी राजमाता ने आध्यात्म जगत के साथ साथ घर परिवार एव ंसमाज को अनुपम देन दी वहीं आज्ञाकारी पुत्र वधु, आदर्श पत्नी तथा प्रेरक माँ का बेमिसाल किरदार निभा कर नारी जाति का सम्मान बढाया। राज माता का जीवन खुली किताब की तरह व्यवहारिक था। जो हर गुरू सिख भक्त को निरंकार प्रभु के प्रति अटूट विश्वास बनाये रखने की सीख देती थीं। उन्होंने हर इन्सान को सतगुरू की शिक्षाओं का अनुसरण करने का मशवरा देकर मानव सेवा, प्रभु का सुमिरन एवं सत्संग के प्रति जागरूक कियाएवं लाखों भटके लोगों को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर प्रभु से मिलाया। इस मौके पर राजमाता के जीवन पर आधरित एक फिल्म प्रदर्शित की गयी। जिसे देख सबकी आंखे नम हो गयी। इस मौके पर भगत कैलाश चन्द, किशोर स्वर्ण, मोहन सिंह केसी मलिक, भगवती प्रसाद, विनोद अरोरा, लक्ष्मी, विश्नी आदि ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। संयोजक हरविन्द्र कुमार ने आभार व्यक्त किया।






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