मथुरा । इज्जत की रोटी चटनी से खाना पसन्द करने वाले माता पिता तीन रोज पूर्व इकलौते बेटे को तरूण को स्मैक में जेल भेजे जाने से इतना टूट चुके हैं कि वे कभी भी अपना परिवार नष्ट करने को तैयार हैं। डीएम, एसएसपी कार्यालय और आवासों पर चक्कर काटते काटते दो रोज से माता पिता वेहद व्यथित हैं।
विदित रहे कि हाईवे पुलिस ने सोमवार की रात राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित जयगुरूदेव मंदिर के सामने से तरूण चैधरी पुत्र रणधीर सिंह निवासी अवैरनी थाना बलदेव को रवि चैधरी पुत्र राजवीर सिंह निवासी मकान नम्बर दो गोकुलपुरम काॅलोनी थाना सदर बाजार के साथ सौ ग्राम स्मैक, दो किलो डायजापाम, एक इलैक्ट्रोनिक कांटा, आल्टो कार दो मौबाइल फोन और छह सौ सत्तर रुपये नकदी बरामद कर जेल भेजा है। नवागत एसएसपी बबलू कुमार के आने के वाद से धडाधड गुडवर्कों का दावा करने वाली पुलिस की कहानी की सच्चाई तरूण के पिता रणधीर सिंह से सुनें तो पुलिस किस तरह से निर्दोश को अपराधी बनाती है उसका सीधा खुलासा सामने आता है। तरूण के पिता रणधीर सिंह जो पेषे से प्राईवेट डाइबर हैं और अवेरनी के रहने वाले हैं। इनका इकलौता बेटा तरूण लगभग 23 वर्ष का है और उसने बीए तक की शिक्षा ग्रहण की है। नौकरी के लिये इधर से उधर चक्कर काट रहा था हाल में जीएलए यूनीर्वसिटी में टेस्ट देकर चुका था और नौकरी न मिलने तक अपने परिचित मुकेश तोमर के भांजे की मण्डी चैराहा स्थित रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर जेब खर्च निकालने आया करता था। 31 जुलाई रविवार को तरूण सुबह वैराज मौड पर मण्डी चैराहे जाने को वाहन की प्रतीक्षा में था तभी उसे आल्टो में सवार रवि चैधरी मिला। बूढे पिता तरूण की माने तो रवि चैधरी की ननिहाल उनके अवेरनी घरके बरावर है जिससे वह एक दूसरे को जानते हैं। रवि के कहने पर तरूण मण्डी जाने को उसकी आॅल्टो में बैठ गया बस यही उसका सबसे बडा अपराध है। तरूण की मां और पिता ने रोते हुए कहा कि उनके पास इकलौते बेटे को हाई कोर्ट से छुडाने के लिये एक बीधा जमीन भी नहीं है। ऐसे में उनके पास पूरे परिवार को नष्ट करने के अलावा दूसरा कोई उपाय नहीं बचा है। फिलहाल बूढे माता पिता डीएम एसएसपी से न्याय की वाट जोह रहे हैं यदि आलाधिकारी वास्तविकता का पता लगा इस परिवार को न्याय दिला पाते हैं तो आज भी सच्चाई की जीत का दावा सार्थक हो सकता है।






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