पर्यावरण संतुलन के लिए वृक्ष सर्वाधिक उपयोगी: संत बाल योगेश्वर दास जी महाराज

गोवर्धन के राधाकुण्ड पर 156 टन फलों का दिव्य भोग लगाने वाले परम पूज्य संत श्री बाल योगेश्वर दास जी महाराज बद्रीनाथ वाले गोवर्धन में चरणामृत कुण्ड पर वृक्षारोपण किया गया। यमुना मिशन के तत्वााधन में चरणामृत कुण्ड पर यमुना  पर आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में परम पूज्य संत बालयोगेश्वर दास जी महाराज ने सहभागिता की। सांय 4 बजे महाराज जी अपने सैकड़ो अनुयायियों के साथ गोवर्धन पहुॅचे। यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं द्वारा संत बालयोगेश्वर दास जी का पुष्पमाला एवं पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया। इसके पश्चात यमुना मिशन द्वारा गोवर्धन में काष्र्णि कुण्ड, चरणामृत कुण्ड की जीर्णोद्धार एवं स्वच्छता कार्यक्रम को देख मिशन के कार्यों की सराहना की। उन्होने कहा कि वर्तमान में आवश्यकता बातों से अधिक जमीन पर कार्य करने की है जिसमें यमुना मिशन सतत् लगा हुआ है। 

महाराज जी द्वारा चरणामृत कुण्ड पर नीम  के वृक्ष का रोपण किया गया। वृक्षारोपण के पश्चात् महाराज ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण के संतुलन को बनाने में वृक्ष सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। हमारे पूर्वजों द्वारा वृक्षों की हमारे जीवन में महत्व बना रहे इसके लिये उन्हे पूज्यनिय और उनका प्रयोग औषधियों में किया गया जिसके कारण हजारों वर्षो तक हम प्रकृति प्रेम के साथ संसार को आगे बढाते चले आये है। परन्तु वर्तमान में विकास की अंधाधुध दौड में हम प्रकृति को दरकिनार कर रहे है जिसके भयावह परिणाम हमारे सामने आ रहे है। इसलिये हम सभी को अधिक से अधिक  वृक्षारोपण करना होगा। 

यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने महाराज जी से आर्शीवाद मांगा कि सोशल मीडिया पर बनाया गया यमुना मिशन के फेसबुक पेज पर जल्द से जल्द 5 करोड लाईक हो सके। उन्होेने कहा कि यदि सन्तों के द्वारा प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जायेगा तो अवश्य ही बहुत जल्द पुनः पूर्व की तहर पृथ्वी पर हरियाली दिखाई देने लगेगी।

इस अवसर पर हरिओम बाबा, गोपाल दास बाबा, दाउदयाल, मुनमुन गोस्वामी, मोहन लाल, लडडू आचार्य, आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित थे।   

 


Subscribe now

Login and subscribe to continue reading this story....

Already a user? Login






Mediabharti