जवाहरहाट के दुकानदारों ने की शिकायत
मथुरा। शहर में नगर पालिका के कारनामे से हर कोई शहरवासी वाकिफ है। बरसात के समय में नाले-नालियों की सफाई परेशानी का कारण बन गई है लेकिन सफाई कर्मचारी और उनके ठेकेदारों को यह खूब रास आ रहा है। नगर पालिका की चेयरमैन कभी इस पर ध्यान नहीं देती जिसके कारण दुकानदार तो परेशान हैं ही साथ ही आम राहगीर को भी मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
नाले और नालियों की सफाई नियमानुसार बरसात से पूर्व होनी चाहिए लेकिन चेयरमैन की घोर लापरवाही के चलते बरसात में सफाई कार्य किया जा रहा है। जिसका परिणाम यह है कि नाले-नालियों की सफाई की सिल्ट दुकानों के बाहर सफाई कर्मचारी डाल देते है। सफाई के बहाने दुकानदारों का शोषण करते है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े सिल्ट के ढे़र लगाकर पैसे वसूलते है। पूर्व में जवाहरहाट क्षेत्र और आज कोतवाली रोड के कई दुकानदारों ने इसकी शिकायत की। आज सुबह तो गोविन्द गंज से होली गेट तक एक साइड में सड़कों पर नालियों का पानी बह रहा था। अफसोस की बात है कि बरसात के समय में नालियों की सिल्ट निकालना और न निकालना एक बराबर है। वर्षा के चलते निकली हुई सिल्ट फिर उन्हीं नालियों में चली जाती ह। सफाई कर्मिचों को इसे ढ़ोने का मौका भी नहीं मिलता। वे पहले ही सिल्ट निकालकर कई-कई दिन तक दुकानों के सामने डाल देते है। और पूछने पर कहते है सूख जायेगी तभी इसे उठाया जायेगा जबकि यह कतई अनुचित है। सिल्ट के बहाने दुकानदारों को भी परेशान किया जाता है।





