
बाल दिवस के बाद एक हफ्ता पूरा होते-होते बच्चों के लिए 'मर-मिटने' के सरकारी और गैर-सरकारी आह्वानों की 'हवा' निकलने लगती
है। वही बच्चे फिर से अपनी रोजी-रोटी जुटाने के संघर्ष में जुट जाते हैं और 'तंत्र' अपने अगले 'इवेंट' की तैयारी में...

बाल दिवस के बाद एक हफ्ता पूरा होते-होते बच्चों के लिए 'मर-मिटने' के सरकारी और गैर-सरकारी आह्वानों की 'हवा' निकलने लगती
है। वही बच्चे फिर से अपनी रोजी-रोटी जुटाने के संघर्ष में जुट जाते हैं और 'तंत्र' अपने अगले 'इवेंट' की तैयारी में...