मथुरा। महिला हिंसा को लेकर विगत वर्षों हुई दिल्ली की घटना के बाद केन्द्र और राज्य सरकार जहां काफी गंभीर नजर आ रही हैं वहीं पुलिस इन मामलों को अब भी हल्के में ले रही है। जनपद के हाइवे थाना क्षेत्र अंतर्गत अडूकी में पांच वर्षीय बालिका के साथ चार लोगों द्वारा किए गए कृत्य की घटना को थाना प्रभारी गंभीरता से नहीं लेते। उनका कहना है कि वह चुनाव ड्यूटी करें या ऐसी छोटी-छोटी वारदातों पर ध्यान दें।
विदित रहे कि हाइवे थाना क्षेत्र अंतर्गत भरतपुर रोड स्थित अडूकी गांव में बुधवार की दोपहर तीन बजे गांव निवासी राजन सिंह की बेटी रेखा (दोनों नाम काल्पनिक) घर के बाहर खेल रही थी, तभी उसे चाॅकलेट और टीवी दिखाने के बहाने गांव में ही रहने वाले भूपेश पुत्र चन्द्र सिंह व तीन अन्य लोगों ने घर के कमरें में बुला लिया और उसके साथ दुराचार किया। घटना की सूचना मिलने पर गांव में हाय-तौबा मच गई। घटना की रिपोर्ट पुलिस ने दर्ज तो कर ली, लेकिन चुनावी व्यवस्था के चलते इस मामले में पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं बरती है। जिसकी सर्वत्र चर्चा है। थाना प्रभारी का कहना है कि पीडि़ता के आरोपी चचेरे भाई हैं। थाना प्रभारी का यह कहना सत्य साबित हो सकता है, लेकिन बगैर किसी जांच के इस तरह का बयान, क्या आरोपियों को मदद पहुंचाने वाला साबित नहीं होता। क्या परिवारीजन महिला हिंसा कानूनों के चलते अपने ही परिवार की महिला के साथ हिंसा और दुराचार कर सकते हैं। उसमें भी यह बालिका अबोध है। थाना प्रभारी का यह कहना कि वह चुनावी ड्यूटी में व्यस्त हैं, इस तरह के आरोपों बढ़ावा देने वाला सिद्ध नहीं होता।





