मथुरा। विट्ठलेश महाराज के पुण्य स्मृति में चल रही ब्रज चैरासी कोस पदयात्रा 31वें दिन अपने पड़ाव स्थल पयगांव से चलकर शेरगढ़ बिहानवन यमुना की निकुन्जों में पहुंची। इससे पूर्व यात्रा शेषशायी से चलकर चमेलीवन, रामलीला स्थल के दर्शन करते हुए नन्दनवन, चन्दनवन होकर कोसी पहुंची जहां पहुंचकर तीर्थ यात्रियों ने श्री दाऊजी महाराज का पूजन अर्चन किया एवं गौचारण महोत्सव का आयोजन बड़े ही श्रद्धाभाव के साथ किया। कोसी से फालेन होकर प्रहलाद कुण्ड एवं नृसिंह भगवान के दर्शन करते हुए यात्रा पयगांव पहुंची जहां पर दाऊजी महाराज के दर्शन किये एवं रास महोत्सव का आयोजन हरिनाम संकीर्तन करते हुए एवं ब्रज की विभिन्न लीलाओं का गायन करते हुए भक्तों ने पूर्ण उत्साह के साथ ठाकुर के समक्ष भावपूर्ण नित्य करते हुए किया। आज पयगांव से चलकर यात्रा लालबाग, खेलनवन होकर शेरगढ़, दाऊजी के दर्शन करते हुए बिहारवन, पहुंची। जहां पर यात्रियों ने बिहारीजी महाराज के दर्शन किये एवं यात्रा ने पड़ाव किया। गोपाल वैष्णव पीठाधीश्वर पुरूषोत्तमलाल महाराज ने कहा कि ब्रज की लीलाऐं अलौकिक हैं यहां पर परम ब्रह्म परमात्मा ने स्वयं अजन्मे श्री गोपाल कृष्ण के रूप जन्म लेकर ब्रज मण्डल में गोपाल के बहाने ब्रजेश्वरी श्री यमुना जी के तट पर विविध लीलाऐं करके ब्रज वसुन्धरा के गौरव को बढ़ाया है।





