मथुरा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तलें प्रशिक्षु बीटीसी शैक्षिक सत्र 2012-14 के प्रशिक्षार्थियों का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी से मिला तथा उन्हें एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में प्रदेश के शिक्षा मंत्री को अवगत कराया गया है कि प्रशिक्षार्थियों का 24 अप्रैल को प्रयोगात्मक परीक्षा व आन्तरिक मूल्याकंन हुआ था जिसमें नियामक प्राधिकरण बोर्ड द्वारा भेजे गये परीक्षक ने कुछ नजदीकी प्रभाव से वशीभूत होकर मूल्याकंन किया जिसमें मेधावी विद्यार्थियों को कम देकर उनके भविष्य से खिलवाड की गई जबकि ऐसे विद्यार्थी जिसके पास वार्षिक रिकार्ड भी नहीं था उन्हें प्रथम श्रेणी के नम्बर देकर पास कर दिया गया हैं। परीक्षक का यह व्यवहार द्वेषपूर्ण व भेद भाव पूर्ण है अतः परीक्षाओं का पुनः मूल्यंाकन कराया जाये जिससे छात्रों को न्याय मिल सकें। ज्ञाापन देने वालों में आकाश चैधरी, उमेश शर्मा, अजीत चैधरी, अशोक राज, संगीता, नीतू, सपना, सूमन, प्रीति, सुमित चैधरी आदि थे।





