यात्रा के लिए श्रद्धालुओं ने लिया नियम
मथुरा । मंगलवार ब्रज चैरासी कोस यात्रा विश्राम घाट पर नियम लेने के बाद शुरू हुई। इससे पूर्व बंगाली घाट से यमुना के प्रमुख घाटों पर सफाई अभियान चलाया गया। मंगलवार प्रातः 10 बजे राधेश्याम आश्रम बंगाली घाट से शोभायात्रा के रूप में विश्राम घाट पहंुचकर यात्रा नायक द्वारकेश लाल महाराज तथा पुरूषोत्तमलाल द्वारा उनकी अगुवाई में सभी यात्रियों ने अपने-अपने पुरोहितों से यात्रा का नियम लिया। इस नियम में ब्रज चैरासी कोस यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को पूरी यात्रा में सयम से रहने साबुन, तेल और श्रंगार न करने तथा ईश्वर साधना और पूर्णरूप से सादगी में रहने का नियम लिया जाता है। इसके उपरान्त मथुरा शहर के प्रचीन मंदिरो जिसे ‘अन्र्तग्रही’ परिक्रमा कहा जाता है। शुरू भी नियम के बाद से ही यात्री इसे शुरू कर देते है। और विश्राम घाट पर यह समाप्त होती है। इसके समापन के बाद यात्रा नायको ने द्वारिकाधीश मंदिर में प्रभु द्वारिकानाथ की आरती उतारी और यात्रा सफल बनाने का आर्शीवाद लिया। आज से 20 अक्टूबर तक चलने वाली ब्रज यात्रा में विविध मनोरथ और प्रभु की लीलाऐं होंगी। प्राचीन मान्यता के अनुसार पुष्टिमार्गीय सम्प्रदायक के आचार्य द्वारा यह यात्रा की जाती है। चार्तुमास में मान्यता है कि प्रभु ब्रज में बिराजते है इसी समय इसका आयोजन होता है। 14 सितम्बर को सभी तीर्थ यात्री प्रथम मुकाम मधुवन प्रस्थान करेंगे। इस यात्रा में काफी संख्या में तीर्थयात्री चल रहे है। यात्रा नायक समय-समय पर उन्हें प्रभु के विभिन्न लीलाओं के बारे में अवगत करायेंगे। आज महिला पुरूष हाथों में लाठियां लेकर ब्रज यात्रा का शुभारम्भ कर रहे है। यमुना किनारे और प्रचीन मथुरा के मंदिरों में इन श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूर्ण भक्ति भावना और श्रद्धा के साथ वे इसमें शामिल है। यात्रा की सभी व्यवस्थाऐं पूरी करने का दावा इसके व्यवस्थापको ने किया है।





