ब्रज नियोजन तथा विकास बोर्ड की प्रथम बैठक सम्पन्न

ब्रज विरासत तथा उसके स्थापत्य सौन्दर्य को बनाये रखना प्रथम उद्देश्य श्रीपालीवाल

मथुरा। ब्रज के सर्वांगीण क्षेत्रों, उसके सांस्कृतिक, पौराणिक, धार्मिक सौन्दर्य को विकसित करना ही बोर्ड का उद्देश्य है, यह बात आज ब्रज नियोजन तथा विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आरडी पालीवाल ने कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में बोर्ड की प्रथम बैठक में कही। बैठक की अध्यक्षता करते हुए श्री पालीवाल ने कहा कि आज की बैठक बोर्ड के प्रारम्भिक स्तर, उद्देश्यों की जानकारी देने तथा विभागों के आपसी तालमेल को स्पष्ट करने हेतु बुलाई गई है। उन्होंने बताया कि बोर्ड की गठन की मांग पिछले एक वर्ष से की जा रही थी। ब्रज की विरासत को धरोहर के रूप में संरक्षित करने, यहां के स्थानीय नागरिकों को मूलभूत सुविधायें देने, श्रद्धालुओं की श्रद्धा आस्था को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सभी सामान्य सुविधायें मुहैया कराने, देशी तथा विदेशी पर्यटकों को बढ़ावा देने आदि के सम्बन्ध में स्थानीय निकाय/प्राधिकरण तथा सभी विभागों को एक छत के नीचे लाने तथा आपसी तालमेल, विचार विमर्श कर पूरे ब्रज को विकसित कर उसके धार्मिक महत्व को बनाये रखने हेतु उप्र सरकार के अधिनियम द्वारा इस बोर्ड की स्थापना हुई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रज के विकास हेतु पहले भी राज्य/केन्द्र सरकार द्वारा कई योजनायें चलाई जा रही हैं। बोर्ड का एक उद्देश्य यह भी है कि उन योजनाओं का किसी भी तरह से दोहरीकरण न हो। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से वर्तमान में ब्रज से सम्बन्धित सभी योजनाओं तथा 30 वर्ष तक की योजनाओं का लेखा जोखा मांगा है। उन्होंने सभी सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों से कहा कि पहले जो भी योजना चलाई गई हैं उनमें आप लोंगो का आपसी समन्वय शून्य होने के कारण योजनाओं की जवाब देही लगभग न के बराबर रही है परन्तु इस बोर्ड के गठन के बाद ब्रज विरासत को विकसित करने तथा पर्यटन को गतिशीलता देने के लिए आप लोंगों को आपस में समन्वय स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा कि अब तक ब्रज के हेरिटेज को संरक्षित करने, समझने के लिए कोई भी विभाग नहीं था परन्तु ब्रज नियोजन विकास बोर्ड इस उद्देश्य के साथ धरातलीय स्तर पर कार्यो को क्रियान्वित करेगा कि ब्रज एक विकसित धार्मिक नगरी के रूप में जाना पहचाना जाय। यहां आने वाले सभी पर्यटक कई समस्याओं को सहते हुए भी यहां की कला, स्थापत्य, धर्म -आस्था, संगीत आदि को जीवन्त देखने के लिए लालायित रहते हैं। परन्तु हम सभी का यह कर्तव्य है कि हम उनकी आस्था का सम्मान करते हुए उन्हें सभी सुविधायें मुहैया करायें ताकि यहां से जाने के बाद ब्रज विरासत सदैव उनके लिए आस्था तथा श्रद्धा का केन्द्र बनी रहे न कि अभावों तथा गन्दगी का ढे़र। उन्होंने बताया कि बोर्ड के सदस्यों को नामित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री बोर्ड के अध्यक्ष हैं तथा बोर्ड के सदस्यों की सहमति से ही कांउसिल के सदस्यों को भी नामित करने का प्रावधान है। बोर्ड की वित्तीय संरचना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, केन्द्र सरकार, विभागीय निधि, निजी क्षेत्रों से प्राप्त फंड, दानदाता, मन्दिर ट्रस्ट आदि से प्राप्त फंड इसका स्रोत होंगे। इसके लिए बोर्ड की अपनी निधि भी गठित की जायेगी जिसे विकास बोर्ड निधि कहा जायेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनीष कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व जयशंकर मिश्र, अपर जिलाधिकारी कानून व्यवस्था श्री सुरेन्द्र कुमार शर्मा, एमवीडीए के अध्यक्ष एसवी सिंह, उपाध्यक्ष नागेन्द्र प्रताप, नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती मनीषा गुप्ता सहित सभी सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

 


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