मथुरा । झींगा पालन बेनामी स्पशीज के पालने हेतु जनपद में 50 हजार यूनिट कास्ट लागत वाले एक हैक्टेयर की दो यूनिट स्थापित होंगी। इसके अलावा जलप्लावित क्षेत्र में विविधीकरण योजना के अंतर्गत दो लाख प्रति हैक्टेयर तालाब निर्माण लागत वाले दो हैक्टेयर के तालाब निर्मित कराए जायेंगे। इनमें 50 प्रतिशत लाभार्थी अंशदान के अलावा 50 प्रतिशत राशि मत्स्य विभाग वहन करेगा। जिलाधिकारी निखिल चन्द्र शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि जलप्लावित क्षेत्र में मत्स्य पालन विविधीकरण योजना के अंतर्गत जनपद के एक वर्ष या छः माह तक जल भराव वाले ऐसे क्षेत्र जो कृषि प्रयोग में नहीं आते तथा पूर्व से तालाबध्पोखरों की श्रेणी में नहीं हैं, लिये जायेंगे। उन्होंने बताया कि योजना के अतंर्गत जलप्लावित भूमि के स्वामित वाले सभी श्रेणी के व्यक्ति योजना में पात्र होंगे परंतु अनुसूचित जातिध्अनुसूचित जनजाति-सीमांतध्लघु कृषकों को वरीयता दी जायेगी। सहायक निदेशक मत्स्य डा महेश चैहान ने बताया कि झींगा पालन हेतु निजीध्पट्टे के तालाब स्वामी एवं जलप्लावित योजना में निजी भूमि के स्वामी जिनको पूर्व में विभाग द्वारा कोई अन्य सुविधा नहीं दी गयी है, आगामी 31 अगस्त तक उनके 22 जी, राजीव भवन स्थित कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित तिथि के उपरांत कोई आवेदन स्वीकार नहीं होगा।





