दिल्ली बेचने ले जा रही महिला पुलिस टीम ने पकड़ी
आईजी, डीआईजी, डीएम, एसएसपी ने किया पुलिस पार्टी को सम्मानित
मथुरा। गत तीन रोज पूर्व जिला महिला चिकित्सालय से गायब हुये नवजात शिशु को बरामद कर लिया गया है। बच्चे को अगवा कर दिल्ली बेचने जा रही महिला को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गत 1 फरवरी को जिला महिला अस्पताल से आमिर शाह पुत्र इसलाम निवासी नवनीत नगर की पत्नी नसरीन के तीन दिन के नवजात शिशु को वहां नर्स बनकर डोल रही एक महिला चुराकर ले गयी थी जिसके बाद अस्पला में काफी हंगामा भी हुआ था। गत तीन दिन से अस्पताल परिसर में बच्चे की बरामदगी को लेकर काफी हंगामा किया जा रहा था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार देर सायं साढ़े सात बजे स्वाट टीम प्रभारी हरीश वर्धन सिंह व शहर कोतवाल चन्द्रभान सिंह ने सर्विलांस के माध्यम से फरार महिला को नए बस स्टैण्ड से दबोच लिया। इसके साथ उठाया गया बच्चा भी साथ था।
आज बृहस्पतिवार को घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए एसएसपी डा. राकेश सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि महिला को उसके पति सौरभ व देवर विक्की के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। यह बच्चे को दिल्ली में किसी व्यक्ति को मोटी रकम देकर बेचने की फिराख में थीं। एसएसपी के अनुसार इस घटनआ में गोवर्धन की एक आशा कार्यकत्री सीमा का भी नाम प्रकाश में आया है। गायब करने वाली महिला पिंकी के अनुसार अस्पताल से बच्चा उठाने में आशा सीमा ने ही उसकी मदद की थी। पिंकी की शादी दो वर्ष पूर्व सौरभ के साथ हुई थी, बीते दिनों उसने अपना छः माह का गर्भ गिराया था। घटना का खुलासा होने पर जिला व पुलिस प्रशासन सहित अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली है। खुलासा करने वाली टीम को आईजी ने 15 हजार रुपए, डीआईजी ने 10 हजार रुपए, डीएम ने 25 हजार रुपए तथा एसएसपी ने पांच हजार व संकल्प वेलफेयर सोसाइटी ने 21 सौ रुपए के नगद पुरूस्कार से पुलिस टीम को सम्मानित किया है। महिला को पकड़ने वाली टीम में स्वाट प्रभारी और शहर कोतवाल के अलावा उपनिरीक्षक दफेदार सिंह, हैड कांस्टैबिल तेजेन्द्र प्रताप सिंह, रवीन्द्र कुमार सर्विलास सैल, कांस्टेबिल गोपाल कुमार, रियाज खां और अरविन्द सिंह शामिल हैं।
वार्ता में एसपी क्राइम राम मोहन सिंह आदि मौजूद रहे।





