मां अन्नपूर्णा का 17 दिवसीय व्रत कथा एवं पूजन हुआ सम्पन्न

मथुरा। अन्नपूर्णा व्रत कथा का सम्पूर्ण सम्पन्न हो गया। कृष्ण पक्ष पंचमी से प्रारंभ हुए 17 दिन के व्रत कथा के भव्य कार्यक्रम का जहां समापन हुआ। वहीं देर से प्रारंभ किये इस व्रत कथा पूजा को काफी महिलाएं आगे पूर्णिमा तिथि तक पूर्ण कर सकती है। यह व्रत कथा सत्रह दिन के लिए की जाती है। जिससे मां अन्नपूर्णा पूरे वर्ष उस महिला के परिवार को सुख समृद्धि प्रदान करती है। करकोटक पंचमी वर्तमान में बिहार पंचमी होने पर यह दिन अतिशुभ दिन माना जाता है। अन्नपूर्णा व्रत कथा का वरण 17 दिन का बांध जाता है। इससे निराहार कथा पूजा करके ही महिला अन्न आदि ले सकती हैं। वहीं एक दिन का व्रत रखना भी इसमें आवश्यक है। छत्ता बाजार स्थित सुप्रसिद्ध अन्नपूर्णा मंदिर में 17 दिन से चल रहे अन्नपूर्णा व्रत कथा के मौके पर नित्य कथा पूजा का भव्य कार्यक्रम चलाया गया। भारी संख्या में महिलाओं ने मंदिर में बैठकर भी मां अन्नपूर्णा की कथा पूजा आदि की। सम्पूर्ण होने पर मंदिर में व्रत के पूर्ण को लेकर महिलाओं ने वरण खुलवाया और मां को भेंट आदि प्रस्तुत कर सुख समृद्धि की कामना की।

 

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