भारतीय वायुसेना के लड़ाकू जेट विमानों के लिए रनवे के रूप में मौजूदा सड़कों के उपयोग का परीक्षण
मथुरा। भारतीय वायुसेना के लड़ाकू जेट विमानों के लिए रनवे के रूप में मौजूदा सड़कों के उपयोग का परीक्षण करने के लिए भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने गुरुवार की सुबह दिल्ली से आगरा के मध्य उत्तर प्रदेश में यमुना एक्सप्रेसवे पर कुछ किलोमीटर की दूरी के लिये सीमावर्ती विमानों में से एक को उतारा गया। मध्य भारत में भारतीय वायुसेना के क्षेत्र से उडा़न भरने के बाद भारतीय वायु सेना के मिराज-2000, को कुछ सेकंड के लिए एक्सप्रेस वे पर नीचे उतारा गया। इस के हजारों दर्शक गवाह बने और हैरान रह गये कि सड़क पर भी लड़ाकू विमान उतर सकता है दर्शकों बीच से विमान फिर से सैकड़ों मील की दूर ले गया यह सब देख कर सभी हैरान रह गये।
भारतीय वायु सेना के विमान को आपात स्थितियों में राजमार्गों पर उतारा जा सकता है या नही से इसे देखने के लिए जहां पिछले कुछ दिनों इसकी पूरी तैयारी की जा रही थी इस अभ्यास के एक यमुना एक्सप्रेस वे को चुना गया। सूत्रों के हवाले से माना जा रहा है कि भारतीय वायु सेना आपात स्थितियों के दौरान एक्सप्रेस वे को बंद कर या उसका उपयोग कर सकती है।
इस प्रकार के बदलाव के लिये हवाई यातायात नियंत्रण, सुरक्षा सेवाओं, बचाव वाहनों, पक्षी निकासी दलों और अन्य आवश्यकताओं की तरह सभी सुविधाएं एयर फोर्स स्टेशन आगरा से भारतीय वायु सेना के कर्मियों द्वारा परिक्षण किया गया।
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिये और सुनिश्चित करने के लिए कि भारतीय वायु सेना ऐसी सड़कों का किस प्रकार से उपयोग कर सकती है। इस अभ्यास के लिये आगरा और मथुरा के पुलिस जिला मजिस्ट्रेट और अधीक्षक के साथ समन्वय किया। विमान के उतरने के दौरान राजमार्ग को कुछ समय के लिये बंद कर दिया गया था। उतरने से पहले 100 मीटर नीचे की ओर ऊंचाई तक आने के दौरान दोनों तरफ के रास्ते को साफ करा दिया गया था।, भारतीय वायु सेना ने राजमार्ग पर एक अभ्यास का कार्यक्रम बनाया गया था।





