यमुना मिशन की स्थापना को एक वर्ष पूर्ण होने के साथ साथ मिशन के आधिकारिक फेसबुक पेज पर 2 लाख समर्थक होने के अवसर पर यमुना मिशन द्वारा कृष्णगंगा घाट पर हर्षोल्लास के साथ विशेष कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें विभिन्न प्रान्तों से भाग लेने सैकड़ो कार्यकर्ता एवं हजारों नगरवासियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
31 दिसम्बर को यमुना मिशन की स्थापना हुये 1 वर्ष पूर्ण हो चुका है इस अवसर पर मिशन के कार्यो की समीक्षा एवं आगामी रणनीति को तय करने के लिये विशेष कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। कृष्णगंगा घाट पर इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया। यमुना मिशन के संयोजक पं. अनिल शर्मा ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुये बताया कि मिशन के एक वर्ष पूर्ण के साथ ही फेसबुक पेज पर 2 लाख से अधिक समर्थक हो चुके है इस उपलक्ष्य में मिशन द्वारा मिशन के कार्यकर्ताओं एवं मथुरा नगर वासियों को कार्यक्रम में आमन्त्रित किया गया एवं एक वर्ष में मिशन द्वारा किये गये जीर्णोद्धार एवं पुनरूद्र्धार का कार्य और उससे आये परिवर्तन से सभी को अवगत कराया गया। आगे जानकारी देते हुये बताया कि कार्यकर्ता सम्मेलन में के.आर इण्टर कालेज, सरलादेवी कन्या विद्यालय, कृष्णानगर सहित नगर व कस्बो के आधा दर्जन विद्यालयों के अध्यापकों एवं अध्यापिकाओं ने कार्यक्रम में शिरकत की।
यमुना मिशन के संस्थापक प्रदीप बंसल जी ने सभा को सम्बोधित करते हुये कहा कि यदि सच्चाई की राह पर चलते हुये कोई प्रयास किया जाये तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है। आज से एक वर्ष पूर्व ब्रज संस्कृति की धरोहर हमारी मां यमुना, उसके घाट, यहाॅ के कुण्ड को जब देखा गया तो सन्तों की प्रेरणा से यह मनोभाव उत्पन्न हुआ कि हम अपनी प्रकृति को संरक्षित करने, ब्रज धरोहरों को बचाने के लिये किसी सरकार, प्रशासन और राजनेताओं पर आश्रित होने की बजाय खुद कार्य करने का संकल्प मन में उत्पन्न हुआ और उसी के परिणाम स्वरूप यमुना मिशन की स्थापना की गई। आज हम सभी देख सकते एक वर्ष में स्थिति में बदलाव आया है और आगे भी ऐसे ही यमुना मिशन हरियाली, सांस्कृतिक धरोहरों की रक्षा और संवर्धन के लिये सदैव कृत संकल्पित रहेगा।
पूज्य बाबा आनन्द गोपाल दास महाराज एवं पं देवेन्द्र शर्मा ने आशीर्वचन देते हुये कहा कि एक वर्ष पूर्व मोक्षधाम से लेकर स्वामी घाट के बीच की स्थिति बद से बदतर थी। ईश्वरीय कृपा और यमुना मिशन के कार्यकर्ताओं की मेहनत का यह परिणाम है कि आज वह स्थिति उलट है। केवल मथुरा में ही नहीं अपितु गोवर्धन, रमणरेती, दिल्ली आदि में भी यमुना मिशन सघन तौर पर वृक्षारोपण, घाटों एवं कुण्डो के संरक्षण के कार्यरत है। दिल्ली में 32 घाटों का जीर्णोद्धार एवं सघन रूप से वृ़क्षारोपण कर प्रकृति को संरक्षित किया जा रहा है।
इस अवसर पर स्वामी नारायण दास त्यागी, पूज्य श्री सत्यदेव दास काठिया, समाजसेवी बिहारीलाल वशिष्ठ, पूज्य भूरा बाबा, बम्बई से चन्द्रशेखर, श्रीनिवास शर्मा, विशन सिंह, के.एन शशी, प्रोबीर कुमार मित्रा, सचिन शर्मा, श्रीहर्षा, चन्द्र मोहन, दाउदयाल शर्मा, राजीव गोस्वामी, डाॅ भगत सिंह, रेनू बाला, गीता शर्मा, मोनू पंडित बड़ा हनुमान, मुकेश ठाकुर, महेश पंडित, लपुटी पंडित,





