मथुरा। जिला कांग्रेस कमेटी राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण निगरानी समिति के चेयरमैन हरिप्रसाद शर्मा ने आरोप लगाया कि विद्युत विभाग की बिलिंग कंपनी साईं कम्प्यूटर में उच्च अधिकारियों का 70-70 लाख रूपये का घोटाला उजागर होने के बाद अधिशासी अभियंता ओमप्रकाश ने उपखंड अधिकारी जसवंत सिंह तथा बाबू पर पांच-पांच लाख रूपये का जुर्माना लगाया है लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि गबनकर्ताओं को अभी तक निलंबित नहीं किया गया। अधीक्षण अभियंता को इस सब की जानकारी दे दी गयी थी। प्रबंध निदेशक मुख्य अभियंता दक्षिणांचल विद्युत आगरा को भी पूरा मामला पता है। साईं कम्प्यूटर में आॅपरेटर ललित वर्मा को एरियलों की धांधली के संबंध में जेल भेजा गया है। इसने 4 लाख 67 हजार रूपये के एरियलों में धांधली की थी। समझ में नहीं आता कि जो लोग दोषी करार दिये गये हैं उनसे पांच-पांच लाख रूपये दण्ड के क्यों निर्धारित किये। ऐसे लोगों को नौकरी से बर्खास्त कर देना चाहिये लेकिन इस प्रकरण को देखकर लगता है कि उच्च अधिकारियों ने धन का आपस में बंदरबांट कर लिया है।
विद्युत विभाग को चूना लगाने वाला एक पकड़ा
विद्युत विभाग में अपेन करीबियों की तैनाती और आर्शीवाद के चलते विभागीय लोग विभाग की ही जेब खोखली कर रहे हैं। ऐसे ही एक मामले में कच्ची सड़क का रहने वाला ललित नामक युवक को हाईवे पुलिस ने दबोचा है। हालांकि इस चार सौ बीसी के मामले में और भी कई लोग हैं जिनके इशारे पर विभाग में होने वाले विद्युत बिलों को कम कर डाटा नष्ट किया जाता था। यह गिरोह अब तक लाखों करोड़ों रूपये के हिसाब किताब को डाटा से नष्ट कर विभाग केा चूना लगा चुका है। इस मामले में मसानी क्षेत्र में एसडीओ द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला हाईवे थाने में दर्ज कराया गया था। वहीं कम्प्यूटर पर काम करने वाले ललित नामक प्राईवेट कर्मचारी की मानें तो इस सारे खेल में एसडीओ का भांजा व जेई का भांजा ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। वे ही लोगों से बिल कम कराने के नाम पर पैसे लेते थे। साथ ही सरकारी डाटा को भी नष्ट कराया जाता था। हाईवे पुलिस के शिकंजे में मौजूद ललित की मानें तो उसे तो मामूली तनख्वाह पर काम करना होता था। पूरा माल विभाग के मौजूदा एसडीओ व जेई के कथित रिश्तेदार ही फाडते थे। उसने ये भी बताया कि बहुत बड़े पैमाने पर इस तरह की हेराफेरी सरकारी रिकाॅर्ड से की गयी है। जांच में लाखों रूपये की गड़बड़ी इनके कथित रिश्तेदार करते रहे हैं। मुझे तो केवल बली का बकरा बनाया जा रहा है।





