मथुरा। कांग्रेस विधान मण्डल दल नेता प्रदीप माथुर ने अपने लखनऊ प्रवास के दौरान उप्र शासन के विभिन्न अधिकारियों से भेंट किया जिसमें उन्होंने मुख्य सचिव आलोक रंजन से व्यक्तिगत रूप से भेंट किया तथा उनसे वृन्दावन के जग प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर को सरकार द्वारा अधिग्रहीत किये जाने की प्रक्रिया पर अपना विरोध दर्ज कराया और उनसे कहा कि श्री बांके बिहारी मंदिर का अधिग्रहण किया जाना महापाप होगा। उन्होंने कहा कि वहां श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करने हेतु शासन द्वारा एक प्रस्ताव तैयार किया जाना चाहिए जिसमें कि श्री बांके बिहारी मंदिर के गोस्वामी, प्रशासनिक अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि एक साथ बैठकर इस मुद्दे पर विधिवत चर्चा करके उसको एक व्यापक स्वरूप दे सकते हैं। इस मुद्दे पर मुख्य सचिव ने गंभीरता दिखाई तथा कहा कि वे मुख्यमंत्री जी से इस प्रकरण पर चर्चा करेंगे। विधायक माथुर ने मुख्य सचिव से मथुरा जनपद को सूखाग्रस्त जनपदों की सूची में रखे जाने का आग्रह किया और उनसे बताया कि मथुरा जनपद भयंकर सूखे की चपेट में है और यहां के किसान पहले से अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से पीडि़त रहे हैं। अब उन्हें सूखे की मार को झेलना पड़ रहा है। इस पर मुख्य सचिव ने आष्वस्त किया कि वे जिलाधिकारी, मथुरा से मथुरा जनपद को सूखाग्रस्त घोषित किये जाने हेतु पुनः रिपोर्ट माॅगेंगे। माथुर ने प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग केएस अटोरिया से भेंट किया तथा उनको मथुरा के महोली रोड के चैड़ीकरण का प्रस्ताव बनाकर उसको स्वीकृत करने के लिए एक प्रत्यावेदन भी प्रस्तुत किया और उन्होंने मथुरा शहर की प्रमुख लिंक रोड जो कि मथुरा कोतवाली से भैंस बहोरा होते हुए केआर इण्टर काॅलेज से केआर डिग्री काॅलेज, मथुरा तक के पुनर्निर्माण कार्य, डीग गेट से जनरलगंज तक जाने वाली सड़क जिसको 70 लाख की अवशेष धनराशि से बनाने के लिए कहा तथा कुछ अन्य ग्रामीण मार्ग को भी स्वीकृत करने के लिए आदेश कराया।





