हिन्दी है भारत की बिन्दी - डायरेक्टर नन्दकिशोर शर्मा
भारत में चल पड़ी है कैसी उल्ती रीति, हिन्दी की अवहेल्ना अग्रेजी से प्रीति
गोवर्धन । हिन्दी में बसते सदा,तुलसी सूर कबीर, बसे बिहारीलाल है, अरू मीरा की पीर, हिन्दी भाषा ग्राम्य है, ऐसा व्यर्थ विचार, अतिशय सुन्दर सरस है, पढे-लिखे संसार। पूरे संसार में हिन्दी लिखने-पढ़ने की बात हो या बोलने की लेकिन देश दुनिया में हिन्दी लोकप्रिय भाषा के रूप में उभर रही है। 14 सितम्वर को मनाये जाने वाले हिन्दी दिवस में लोगों की रूची बढ़ने लगी है। बरसाना रोड़ स्थित गोवर्धन के श्रीबाबूलाल महाविद्यालय में बडे ही धूमधाम के साथ हिन्दी दिवस मनाया गया साथ ही कभी सम्मेलन का आयोजन किया। जिसमेें जनपदभर के दर्जनों कवियों ने भाग लिया।
कवि सम्मेलन कवियों ने हिन्दी के महत्व, बेटी बचाओं आदि पर काव्य पाठ किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रसिद्व कवि देवकी नंदन कुमेरिया व विद्यालय डायरेक्टर नन्दकिशोर शर्मा एडवोकेट ने सरस्वती मां की चित्र पट्का का पुष्प अर्पित के साथ दीप प्रज्जलित कर किया गया।
कवि सम्मेलन में ब्रज कवि देवकी नंदन कुम्हेरिया ने कहा कि भारत में चल पड़ी है कैसी उल्ब्ी रीति और हिन्दी से अवहेलना और अंग्रेजी से प्रीति, हिन्दी से हम कर रहे हैं सौतेला व्यवहार राजनीति की की ओट में करते है व्यापार की रचना पढ़ी। कवि मोहन मोही ने सांवन राखी दिवारी ज्योति और फागुन में पिचकारी सी हिन्दी ग्यारस कौ उपवास अमावस पूनम की डजियारी सी हिन्दी। कवि प्रवक्ता राधा गोविंद शर्मा ने अभी तू नादान है हिन्दी से एम.ए करने के नुकसानों से अन्जान हैं, तू जीवन में कुछ नही कर पाएगा नौकरी तो दूर छोकरी भी नही पाएगा।
कवि अनिल शर्मा ने मैं हिन्दी हूॅ मैं भारत के भाल की बिन्दी हूॅ...। कवि ओम वाष्णेय अलीगढ़ अलीगढ़ ने दीवारों पर पेंशिल के चील बिलाऊ निशान यही बचपन की पहिचान, हिन्दी है भारत की बिन्दी। कवि हरिबाबू ओम ने सांची बात लगे नांय सोची नाय सोची बात जचेगी रे, कोरे गाल बजायते नांय बेटी कबहूं कचेगी रे। वृन्दावन से आये कवि अशोक अज्ञ ने पाल पोसकर बड़ा करे कर कष्ट उठाती मां, वो कपूत हैं जिनकी दर-दर ठोकरें खाती मां.... की प्रस्तुति दी। इसके अलावा गोपाल प्रासद उपाध्याय गोप, चन्द्रभान वर्मा चन्द्र डीग,रामलखन शर्मा राम, तेजवीर सिंह राधाकुण्ड, भूदेव प्रसाद शर्मा आदि ने प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम मेें सभी कविगणों का स्वागम स्मृति चिन्ह देकर कालेज के डायरेक्टर नंदकिशोर शर्मा एड़ ने किया अध्यक्षता देवकीनंदन कुम्हेरिया ने किया संचालन चीफ प्रोक्टर भारत उपाध्याय और कवि हरिबाबू ओम ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर डायरेक्र नंदकिशोर शर्मा एड़ प्राचार्य डाॅ. अशोक कुमार शर्मा, उप प्रचार्य महेश चंद अग्रवाल, धीरज कौशिक, एलएन शर्मा बाईपी गोयल आदि थे।





