संस्कार सागर में डूबी दीनदयाल धाम की शाम

 राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का मां सरस्वती एवं एकात्मवाद के प्रेणता पं दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके शुभारंभ करते हुए आयोजक जगमोहन पाठक, गृहमंत्रालय भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार डा हरि कृष्ण पालीवाल, विधायक अजय कुमार पोइया, डा उमाशंकर राही, अशोक टैंटीवाल आदि।

छीनदयाल धाम महोत्सव में बही कवियों की धारा

 

फरह। दीनदयाल धाम फरह में चल रहे महोत्सव में शनिवार की रात कवियों के नाम रही। यहां राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में देश के कोने से आए सुप्रसिद्ध कवियों, कवियत्रियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को पूरी रात कभी हंसाया, तो कभी गुदगुदाया, तो कभी उन्हें राष्ट्र के प्रति सजग किया, तो कभी चिंतन-मंथन को मजबूर किया। हर पहलू पर एक से बढकर एक कवि अपनी प्रस्तुति देकर तालियां बटोरते रहे। कवि सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती और एकात्मवाद के प्रणेता पं दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों के समक्ष गृह मंत्रालय भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार डा हरे कृष्ण पालीवाल, मेला महामंत्री अशोक टैंटीवाल, डाॅ. रोशनलाल, पूर्व विधायक अजय पोइया, डा उमाशंकर राही, रमाशंकर त्रिपाठी आदि ने दीप प्रज्जवलित करके किया।

कवि सम्मेलन रात दस बजे से शुरु होकर सुबह साढे पांच बजे तक अनवरत चलता रहा । श्रोता रातभर डटकर कवि सम्मेलन में उथल पुथल होते रहे। मां सरस्वती की वंदना लखनउ की कवियत्री रंजना शुक्ला ने की। इसके बाद उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से सभी को देश भक्ति और संस्कृति से अवगत कराया। वरिष्ठ कवि डा रामेन्द्र त्रिपाठी ने राजनीति, देशभक्ति, आतंकवाद, भारतीय संस्कृति के हर पहलू को छूने का भरसक प्रयास कर श्रोताओं को राष्टीय चिंतन के लिए मजबूर भी कर दिया। 

गृहमंत्रालय भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार और कवि सम्मेलन के मुख्य अतिथि डा.हरिकृष्ण पालीवाल ने कहा, जीवन में एक कविता बदलाव ला सकती है, इसलिए मनोरंजन के साथ-साथ अपने दिलो-दिमाग में एक अच्छी कविता से सीख लें और जीवन में अच्छा आचरण बनाएं। इस मौके पर आयोजक जगमोहन पाठक, विधायक अजय कुमार पोइया, डा उमाशंकर राही, सालिगराम वटिया, राजेन्द्र चैहान, भुवनेश शर्मा, रमाशंकर त्रिपाठी, सोहनपाल, मनोज अग्रवाल, मुरारीलाल अग्रवाल, महेश, ज्ञानेन्द्र शर्मा, बच्चू सिंह, महीपाल, भीकमचंद दुबे, ब्रजमोहन गौड़, ज्ञानेन्द्र शर्मा, मिथिलेश चैधरी आदि मौजूद रहे।

 


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