सिद्धू की पार्टी में शामिल किए जाने को लेकर बंटी कांग्रेस

सिद्धू की पार्टी में शामिल किए जाने को लेकर बंटी कांग्रेसनई दिल्ली । क्रिकेटर एवं पूर्व भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी में शामिल किए जाने को लेकर कांग्रेस पार्टी दो-फाड़ होती दिख रही है। पंजाब कांग्रेस प्रमुख कैप्टन अमरिंदर सिंह जहां सिद्धू को ज्यादा भाव नहीं देने की वकालत कर रहे हैं वहीं राज्य के कुछ अन्य कांग्रेसी नेता और पार्टी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर सिद्धू की यथाशीघ्र पार्टी में एंट्री चाहते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, दरअसल सिद्धू की कांग्रेस में एंट्री पार्टी के पंजाब अध्यक्ष अमरिंदर सिंह और राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा के बीच चल रही अदावत के बीच फंस गई है। आम आदमी पार्टी से बातचीत टूटने के बाद बाजवा ही कांग्रेस और सिद्धू के बीच मध्यस्थ बनकर उभरे हैं। इनके माध्यम से ही कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व के बीच बात चलती रही। उधर, अमरिंदर सिंह लगातार ऐसी बात से इनकार करते रहे हैं। खबरों के अनुसार, सिद्धू को डिप्टी सीएम पोस्ट की पेशकश भी बाजवा की तरफ से ही की गई।

इधर, कांग्रेस इस मामले में हड़बड़ी में कोई फैसला नहीं करना चाहती है। शुक्रवार को बाजवा ने कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बनाते हुए कहा कि इस बार पार्टी को 2012 की तरह गलती नहीं करनी चाहिए, जब पार्टी ने मनप्रीत बादल से गठबंधन करने से इनकार कर दिया था जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा था। लेकिन कांग्रेस सिद्धू पर कोई फैसला लेने से पहले अमरिंदर को भी विश्वास में लेना चाहती है।

मामले की जानकारी रखने वाले एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहाा, ‘इसके दो पहलू हैं। सिद्धू आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों से संपर्क में हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी से हाथ जला चुके सिद्धू कांग्रेस में ही आना चाहते हैं। अगर वह कांग्रेस में शामिल होते हैं तो हमारे लिए बड़े राजनीतिक स्टार की तरह होंगे।’ सूत्रों ने बताया कि बाजवा ने आलाकमान को बताया है कि पार्टी के लिए एक-एक सीट अहम है। बाजवा ने कहा है कि सिद्धू को जल्दी पार्टी में शामिल किया जाना चाहिए। पार्टी के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी सिद्धू को जल्द कांग्रेस में शामिल कराना चाहते हैं। सिद्धू के लिए कांग्रेस से दोनों तरह के ऑफर हैं, एक ओर जहां कांग्रेस के कई नेता उन्हें जल्दी से पार्टी में शामिल करना चाहते हैं वहीं उन्हें उप मुख्यमंत्री के पद का ऑफर देने की बात भी कही जा रही है, लेकिन अमरिंदर सिंह इसे सही नहीं बता रहे हैं। हालांकि अमरिंदर की राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद ऐसी भी खबरें हैं कि सिद्धू खुद की अपनी रणनीति बना रहे हैं सूत्रों के मुताबिक, अमरिंदर सिंह सिद्धू को ज्यादा भाव देने के मूड में नहीं हैं ताकि वह सौदेबाजी नहीं कर सके। पंजाब के चुनावी मुद्दे पर शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने के बाद अमरिंदर सिंह ने कहा था कि इस मुलाकात में सिद्धू के मुद्दे पर बात नहीं हुई। अगले महीने से राहुल पंजाब दौरे पर जाने वाले हैं। हालांकि अमरिंदर ने साथ ही कहा कि जो भी कांग्रेस की नीतियां और कार्यक्रम मानने को तैयार हैं, उनका पार्टी में स्वागत है।        

साभार-khaskhabar.com

 


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