मथुरा। हथिनी कुण्ड से जल छोड़े बिना यमुना साफ नहीं होगी तथा हरियाणा और दिल्ली का जब तक फैक्ट्रियों का जहर एवं शहरों का गटर यमुना में गिरता रहेगा यमुना जहरीली बनी रहेगी। हरियाणा सरकार के कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि फरीदाबाद व पलवल जिला के किसान सिंचाई के लिए यमुना जल का प्रयोग न करें, क्यों कि सिंचाई से होने वाले अन्न खाने से र्केसर हो रहा है। जब सरकार ही यह बात कह रही है, विशेषज्ञ भी यही बात कह रहें है कि यमुना में विषैला जल है तो मथुरा और आगरा के निवासियों के लिए और भी बुरी खबर है। यमुना पट्टी का सम्पूर्ण जीवन और भी खतरे में है। अब समय आ गया है जीवन और आस्था को बचाने के लिए जन-जन को खड़ा होना पड़ेगा। इन सब बिन्दुओं पर विचार करने के लिए फरीदाबाद, पलवल, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद के किसान, यमुना प्रेमी एवं पर्यावरण प्रेमियों को दिनांक 15 जनवरी को गोविन्द मठ, वृन्दावन आमन्त्रित किया गया है। वहीं आज नव वर्ष के शुभारम्भ के साथ छटीकरा में यमुना रक्षक दल का सदस्यता अभियान चलाया गया। जिला प्रभारी डा. राजवीर सिंह एवं हरिनाम संकीर्तन प्रभारी राधाबल्लभ शर्मा ने कहा कि हम ब्रजवासियों के घर-घर जाकर सहयोग मागेंगे और यमुना जी को मुक्त करायेंगे।





